आगरा में जमीन पर कब्जा कराने का मामले में पुलिस निरीक्षक सहित कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
आगरा के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जा कराने के लिए दो परिवारों को फर्जी मुकदमों में फंसाने के आरोप में तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चौधरी और धीरू चौधरी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आगरा में बैनारा फैक्टरी के पास बीएस कॉम्प्लेक्स के नजदीक बोदला निवासी उमा देवी की चार बीघा जमीन है. जमीन की कीमत करोड़ों रुपए में है. उन्होंने जमीन की देखरेख के लिए रवि कुशवाह और उनके भाई शंकरलाल कुशवाह को रखा था. ये दोनों परिवार 35 वर्ष से वहां रह रहा था. आरोप है कि जगदीशपुरा पुलिस के साथ मिलकर जमीन पर कब्जा कराने का काम करने वाले लोगों ने साजिश रची और इसके तहत अगस्त 2023 में रवि कुशवाह, शंकरलाल उर्फ शंकरिया और जटपुरा निवासी ओम प्रकाश के खिलाफ गांजा बेचने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. इसके दो महीने बाद यह विषय पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तक पहुंचा. इसके बाद शनिवार को तत्कालीन थानाध्यक्ष, जगदीशपुरा, जितेंद्र कुमार और उनके साथ शामिल तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. साथ ही जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है. पुलिस आयुक्त ने कहा कि मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा पीड़ितों पर दर्ज किये गये फर्जी मामले वापस लिये जाएंगे. उन्होंने बताया कि जिस जमीन से परिवार को बेदखल कराया गया था, उसे पीड़ित को वापस दिलाया गया है.