UP News: उन्नाव एसपी ऑफिस में जमीनी विवाद से परेशान युवक ने किया आत्मदाह, अस्पताल में हुई मौत

उन्नाव में जमीनी विवाद से परेशान युवक ने एसपी ऑफिस में खुद पर कैरोसिन डाल कर आग लगा ली. यहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पानी और कंबल डालकर आग को बुझाया. युवक को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में कानपुर हैलट रेफर किया गया है.

यूपी के उन्नाव में जमीनी विवाद से परेशान युवक ने एसपी ऑफिस में खुद पर कैरोसिन डाल कर आग लगा ली. एसपी ऑफिस में आत्मदाह से हड़कंप मच गया. यहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पानी और कंबल डालकर आग को बुझाया. युवक आग से झुलस कर बुरी तरह जख्मी हो गया था, जिसको आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में कानपुर हैलट रेफर किया गया है. पुरवा कोतवाली के भूलेमऊ गांव निवासी श्रीचंद का आरोप है कि जमीन के विवाद में स्थानीय पुलिस शिकायत नहीं सुन रही है. वो काफी समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर यह खौफनाक कदम उठाया है. श्रीचंद का आरोप था, 18 अक्टूबर को गांव के ही रहने वाले अनीस, सबीफ मुमताज, सबीर, मुनीर और मुमताज की पत्नी ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार से मार-पीट की थी. साथ ही जाति सूचक शब्दों का प्रयोग भी किया था. इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. लेकिन पुलिस ने जांच के दौरान दो लोगों का नाम हटा दिया था. उनकी गिरफ्तारी भी नहीं की गई, जबकि वो दोनों मुख्य आरोपी थे. इस बात को लेकर वह लगातार पुलिस से शिकायत कर रहा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी. बुधवार को वह शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचा, जहां उसने कैरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली.

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एसपी ने सीओ और इंस्पेक्टर को हटाया

दरअसल, पुरवा के भूलेमऊ निवासी श्रीचंद ने मुकदमे में न्याय नहीं मिलने पर बुधवार को एसपी ऑफिस में आत्मदाह की कोशिश की थी. उपचार के दौरान उसकी लखनऊ में मौत हो गई थी. शुक्रवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने सड़क जाम कर हंगामा कर शुरू किया. करीब पांच घंटे बाद परिजन अधिकारियों के समझाने पर अंतिम संस्कार को राजी हुए. जिसके बाद देर शाम शव का अंतिम संस्कार किया गया. पुलिस पर लगे आरोप के बाद एसपी ने सीओ पुरवा और इंस्पेक्टर पुरवा को हटा दिया है और जांच के बाद उचित न्याय दिलाने की बात कही है. श्रीचंद का शव शुक्रवार की दोपहर घर पहुंचा तो परिजनों ने कई मांगो को रखते हुए हंगामा शुरू कर दिया. परिजनो का आरोप है कि पुलिस ने मामले मे लापरवाही बरती है. पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो. इसके साथ ही परिवार के एक करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाए. गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर हंगामा करना शुरू कर दिया. करीब पांच घंटे गहमागहमी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर परिजन राजी हुए और शाम को अंतिम संस्कार किया. परिजनों के द्वारा लगाये गये आरोपों के बाद एसपी सिद्वार्थ शांकर मीणा ने लापरवाही बरतने पर सीओ पुरवा दीपक सिंह को हटाकर पुलिस कार्यालय सम्बद्व कर दिया. साथ ही इंस्पेक्टर पुरवा सुरेश सिंह को प्रभारी पद से हटाकर जन शिकायत प्रकोष्ठ भेजा है. इसके साथ ही जांच बदलने की बात कही है.

यह है पूरा मामला

घटना के बाद पुलिस की जांच पड़ताल में यह भी सामने आया कि श्रीचंद ने जो मुकदमा दर्ज कराया उसके विपक्षी सबीरा पत्नी शरीफ अली में भी आरोप लगाकर तहरीर दी थी कि वह अपने घर के बाहर बैठी थी तभी पड़ोसी श्री चंद, मूलचंद, रामस्वरूप महेंद्र ने पुरानी बातों को लेकर गंदी-गंदी गालियां देते हुए मारा पीटा था. बचाने आए देवर मुनीर अली को भी जान से मारने की धमकी दी थी. जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था. श्रीचंद का शव पोस्टमार्टम होने के बाद जैसे ही गांव पहुंचा कोहराम मच गया. पत्नी संध्या बेसुध होती रही. पारिवारिक जनों ने अंतिम संस्कार करने की बजाय आक्रोशित होकर पुरवा अचलगंज मार्ग को जाम कर दिया और उन्होंने श्रीचंद की पत्नी को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और इंस्पेक्टर पुरवा संतोष सिंह समेत दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की. वहीं बवाल को बढ़ता देख पूर्व सपा विधायक उदय राज, वीरेंद्र शुक्ला समेत अन्य क्षेत्रीय लोग भी मौके पर पहुंचे. प्रशासन की तरफ से वहां पर जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह, सीओ हसनगंज संतोष सिंह, महिला थाना प्रभारी अर्चना सिंह समेत कई पुलिस थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और परिजनों से बात कर मामला शांत कराया.

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Author: Sandeep kumar

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