Share Market: अमेरिका से आयी ऐसी खबर की धड़ाम से गिरा भारतीय बाजार, निवेशकों के 40 हजार करोड़ डूबे

Share Market Closing Bell: आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के 40 हजार करोड़ रुपये डूब गए. बीएसई सेंसेक्स 325 अंक से अधिक के नुकसान के साथ बंद हुआ. आईटी, टिकाऊ उपभोक्ता और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दबाव रहा.

Share Market Closing Bell: ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेत और रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने अमेरिकी सरकार के लिए अपने रेटिंग दृष्टिकोण को ‘स्थिर’ से घटाकर ‘नकारात्मक’ करने का असर सोमवार को भारतीय बाजार में देखने को मिला. इसके साथ ही, महंगाई के आकड़ों से पहले निवेशक सतर्क दिखे. इसके कारण आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के 40 हजार करोड़ रुपये डूब गए. बीएसई सेंसेक्स 325 अंक से अधिक के नुकसान के साथ बंद हुआ. आईटी, टिकाऊ उपभोक्ता और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दबाव रहा. कारोबारियों के अनुसार इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी और रुपये की विनिमय दर में गिरावट से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई. दिवाली के दिन की बढ़त को गंवाते हुए 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 325.58 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 64,933.87 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 406.09 अंक तक लुढ़क गया था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,443.55 अंक पर बंद हुआ.

कई कारणों के कारण गिरा भारतीय बाजार

जियोजीत फाइनेंशियल के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि दीपावली के बाद, वैश्विक अनिश्चितता के बीच घरेलू बाजार में सुधार आया. अगस्त की तुलना में सितंबर महीने में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में गिरावट तथा विनिर्माण पीएमआई का कमजोर होना वैश्विक रुख को बताता है जहां बढ़ती ब्याज दर और महंगाई से रुख निर्धारित हो रहा है. घरेलू रुपये की विनिमय दर में गिरावट से एफआईआई सतर्क हैं. हालांकि कंपनियों के बेहतर वित्तीय परिणाम, आर्थिक स्थिरता और घरेलू संस्थागत पूंजी प्रवाह से बाजार में गिरावट पर अंकुश लगा. औद्योगिक उत्पादन में सितंबर में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि अगस्त में यह 10.3 प्रतिशत थी. हालांकि सालाना आधार पर विनिर्माण, खनन क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन बढ़ा है. सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, नेस्ले, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं. दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू स्टील, एनटीपीसी, पावर ग्रिड और इंडसइंड बैंक शामिल हैं. बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.10 प्रतिशत जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 0.01 प्रतिशत नीचे आये.

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बाजार को आधा प्रतिशत का हुआ नुकसान

रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजीत मिश्रा ने कहा कि बाजार में सप्ताह की शुरूआत नरम रुख के साथ हुई और करीब आधा प्रतिशत नुकसान में रहा. मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख का असर घरेलू बाजार पर पड़ा. एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे. यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख रहा. अमेरिकी बाजार शुक्रवार को उल्लेखनीय बढ़त में रहे थे. इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने रविवार को 190.06 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे. शेयर बाजार में दीपावली के मौके पर 12 नवंबर को एक घंटे का विशेष मुहूर्त कारोबार हुआ. बीएसई सेंसेक्स रविवार को सम्वत 2080 के पहले दिन 354.77 अंक यानी 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 65,259.45 अंक पर बंद हुआ था. एनएसई निफ्टी भी 100.20 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,525.55 अंक पर बंद हुआ था.

रुपया चार पैसे की गिरावट के साथ 83.32 प्रति डॉलर पर

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे की गिरावट के साथ 83.32 प्रति डॉलर (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ. घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख के बीच रुपये की विनिमय दर में गिरावट आई. बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी कोषों की सतत निकासी से भी रुपये पर दबाव रहा. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 83.31 प्रति डॉलर पर खुला और दिन के कारोबार में 83.33 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गया और कारोबार के अंत में यह 83.32 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ. यह पिछले बंद स्तर से चार पैसे की गिरावट है. शुक्रवार को रुपया 83.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. बीएनपी पारिबा बाय शेयरखान के एसोसिएट उपाध्यक्ष (जिंस) प्रवीण सिंह ने कहा कि शुक्रवार को जारी भारत के विनिर्माण और उत्पादन आंकड़े पूर्वानुमानों से कम थे. मुद्रास्फीति के आंकड़े आज बाद में आएंगे. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.08 प्रतिशत घटकर 105.77 रहा. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.02 प्रतिशत घटकर 81.45 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा.

(भाषा इनपुट के साथ)

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Published by: Madhuresh narayan

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