Satinder Kumar: सिंगर बनने आए थे मुंबई... शोले ने बना दिया पॉपुलर, जानें अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए बीरबल

बीरबल के नाम से मशहूर दिग्गज अभिनेता सतिंदर कुमार खोसला का मंगलवार शाम को निधन हो गया. सतिंदर को उनके कॉमिक किरदारों के लिए जाना जाता है. उन्होंने उपकार, रोटी कपड़ा और मकान और क्रांति समेत मनोज कुमार की कई फिल्मों में काम किया.

बीरबल खोसला के नाम से प्रसिद्ध अनुभवी अभिनेता सतिंदर कुमार खोसला का 84 वर्ष की आयु में मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया. उनके जाने से बॉलीवुड इंडस्ट्री में सन्नाटा पसर गया.

शोले अभिनेता का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया और उनका अंतिम संस्कार आज किया जाएगा. उनकी मौत की खबर की पुष्टि उनके दोस्त जुगनू ने की.

1938 में पंजाब के गुरदासपुर में जन्मे सतिंदर कुमार खोसला ने 500 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है. अपने करियर के दौरान, अभिनेता ने ज्यादातर हास्य भूमिकाएं निभाई हैं और हिंदी, पंजाबी, मराठी और भोजपुरी फिल्मों में दिखाई दिए हैं.

बीरबल को उनकी पहली सफल भूमिका 1967 में वी शांताराम द्वारा निर्देशित फिल्म ‘बूंद जो बन गई मोती’ से मिली. फिल्म में जीतेंद्र और मुमताज मुख्य भूमिका में थे. उन्होंने 1967 में उपकार से डेब्यू किया था.

उन्होंने मशहूर अभिनेता मनोज कुमार के साथ उपकार, क्रांति और रोटी कपड़ा और मकान जैसी फिल्मों में भी काम किया है. हालांकि, ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले में एक कैदी के रूप में उनकी भूमिका उनकी सबसे प्रमुख भूमिकाओं में से एक है.

वह फिल्म ‘अनुरोध’ में एक ड्रग एडिक्ट की भूमिका के लिए भी काफी मशहूर हुए थे. उनकी फिल्मोग्राफी में ‘मेरा नाम जोकर’, ‘अमर प्रेम’, ‘आराधना’, ‘गैम्बलर’, ‘सदमा’, ‘याराना’, ‘बोल राधा बोल’, ‘बेताब’, ‘कर्ज’ और ‘मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी’ जैसी फिल्में भी शामिल हैं.

सतिंदर कुमार खोसला मूल रूप से मुंबई के सेवेन बंगलो एरिया में रहते थे. उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं.

सतिंदर कुमार के नेटवर्थ की बात करें तो मौजूद जानकारी के मुताबिक उनकी नेटवर्थ 10 मिलियन डॉलर यानि करीब 83 करोड़ रुपये थी.

सतिंदर कुमार खोसला की मौत की खबर ऑनलाइन सामने आने के बाद दुनिया भर से श्रद्धांजलियां आना शुरू हो गईं. सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि की और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी. उनके पोस्ट में लिखा था, “CINTAA बीरबल (1981 से सदस्य) के निधन पर शोक व्यक्त करता है.”

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Author: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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