ओडिशा के प्रख्यात कवि जयंत महापात्रा का निधन, नवीन पटनायक ने शोक जताया

ओडिशा के जाने-माने कवि पद्मश्री जयंत महापात्रा का 95 साल की उम्र में निधन हो गया है. वह उम्रजनित कई बीमारियों से जूझ रहे थे. रविवार की रात कटक के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उनके निधन पर शोक जताया है.

ओडिशा के प्रख्यात कवि जयंत महापात्रा का रविवार को निधन हो गया. उनके परिवार के सदस्यों ने यह जानकारी दी. जयंत महापात्रा 95 वर्ष के थे. वह लंबे समय वृद्धावस्था संबंधी स्वास्थ्य परेशानियों से पीड़ित थे. महापात्रा को निमोनिया और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्होंने रविवार की रात अस्पताल में अंतिम सांस ली. उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा है.

1928 में जयंत महापात्रा को मिला था साहित्य अकादमी पुरस्कार

कटक में 22 अक्टूबर, 1928 को जन्मे जयंत महापात्रा अंग्रेजी कविता के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय कवि थे. उन्हें वर्ष 2009 में पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था. हालांकि, उन्होंने ‘भारत में बढ़ती असहिष्णुता’ के विरोध में वर्ष 2015 में इसे वापस कर दिया था.

‘इंडियन समर’ और ‘हंगर’ जयंत महापात्रा की शानदार कृति

आधुनिक भारतीय अंग्रेजी साहित्य में शानदार कृति मानी जाने वाली ‘इंडियन समर’ और ‘हंगर’ के लेखक जयंत महापात्रा ने 27 कविता संग्रह लिखी. इनमें से सात ओडिया भाषा में हैं, जबकि शेष अंग्रेजी में हैं. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने महापात्रा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अंग्रेजी और ओडिया साहित्य जगत में प्रतिभाशाली कवि करार दिया.

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नवीन पटनायक ने महापात्रा के निधन पर शोक जताया

नवीन पटनायक ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘उन्होंने ओडिया साहित्य की पहुंच को व्यापक दायरे तक सफलतापूर्वक पहुंचाया था. उनकी बुद्धि और ज्ञान ने कई युवाओं के लिए अंग्रेजी साहित्य में लिखने के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम किया. उनके मधुर शब्द अपना जादू बिखेरते रहेंगे और हमें मानवीय अभिव्यक्ति की शक्ति की याद दिलाते रहेंगे. दैनिक जीवन के बारे में उनके लेखन की जीवंत कल्पना हमेशा ओडिया जीवन का एक समृद्ध सारांश बनी रहेगी.’

राजकीय सम्मान के साथ आज होगा अंतिम संस्कार

मुख्यमंत्री ने कहा कि महापात्रा का अंतिम संस्कार सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना भी की. महापात्रा की प्रमुख कृतियों में ‘रिलेशनशिप’, ‘बेयर फेस’ और ‘शैडो स्पेस’ भी शामिल हैं. पेशे से शिक्षक, महापात्रा ने कटक के स्टीवर्ट स्कूल में पढ़ाई की और पटना विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की.

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By Mithilesh Jha

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