झारखंड में प्राइमरी स्तर पर क्षेत्रीय भाषा की होगी पढ़ाई, मंत्री चंपई बोले-सरकार करेगी टीचर्स की नियुक्ति

सरायकेला के बड़बिल स्थित आदिवासी सांस्कृतिक भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि सरकार प्राइमरी स्तर से क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई को लेकर प्रयासरत है. इसके लिए जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति होगी.

Jharkhand News: सरायकेला के बड़बिल स्थित आदिवासी सांस्कृतिक भवन परिसर में आदिवासी हो समाज महासभा द्वारा ओत गुरु कोल लाको बोदरा की 103वीं जयंती मनायी गयी. इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के आदिवासी कल्याण सह परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन बतौर मुख्य अतिथि शिरकत किये. कार्यक्रम में कला केंद्र परिसर में अवस्थित ओत गुरू के आदमकद प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया गया.

प्राइमरी स्तर से क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई को लेकर सरकार प्रयासरत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि भाषा संस्कृति के विकास को लेकर राज्य सरकार संकल्पित है. इसी के तहत क्षेत्रीय भाषा में कैसे प्राइमरी स्तर से पढ़ाई हो सके इसके लिए सरकार प्रयासरत है. कहा कि इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सरकार प्रशिक्षण की भी व्यवस्था करेगी, ताकि वे इन क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई कर सकें. 

1932 का खतियान ही स्थानीयता का माना गया आधार

मंत्री सोरेन ने कहा कि वारंग क्षिति लिपि के जनक गुरु लाको बोदरा के प्रयास को आगे बढ़ाते हुए प्राइमरी स्तर से स्कूलों में वारंग क्षिति लिपि से हो भाषा की पढ़ाई शुरू करने और उसके शिक्षकों की नियुक्त सरकार करेगी. मंत्री ने कहा कि भाषा संस्कृति ही हमारी पहचान है. इससे आगे बढ़ाना हम सबों का दायित्व है. कहा कि वर्षों से 1932 को स्थानीयता का आधार माना गया है. इसलिए सरकार ने भी इसको परिभाषित करने का काम किया है. साथ ही मानकी-मुंडा को भी स्थानीयता के रूप में चिह्नित करने का अधिकार दिया गया है. हमारे पूर्वजों ने अलग झारखंड की मांग रखी थी आज उनका सपना साकार हुआ है.

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मजबूत सरकार को अस्थिर करने में लगी है भाजपा : चंपई सोरेन

मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार बेहतर कार्य कर रही है. बावजूद भाजपा सरकार को अस्थिर करने में लगी हुई है. सरकार ने स्थानीय लोगों को उनका अधिकार देने के लिए 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति परिभाषित किया है. साथ ही ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है. अलग राज्य गठन के बाद सबसे अधिक समय तक भाजपा शासन किया, लेकिन उसने स्थानीय लोगों के लिए कुछ भी नहीं किया है. अब भाजपा को कहीं खड़ा रहने की जगह नहीं मिल रही है. जनता अब जाग चुकी है. जनता जानती है कि झामुमो के नेतृत्व में ही सरकार बेहतर कार्य कर सकती है. 

भाषा संस्कृति ही हमारी पहचान : सोनाराम बोदरा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष सोरनाराम बोदरा ने कहा कि भाषा संस्कृति ही हमारी पहचान है.  इसे विकसित करना है. कहा कि राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार काफी अच्छा काम कर रही है, जबकि स्थानीय विधायक सह राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन के नेतृत्व में भाषा संस्कृति को संरक्षित कर विकास करने का प्रयास किया जा रहा है. कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें आदिवासी युवक-युवतियां पारंपरिक नृत्य गीत प्रस्तुत कर समां बांधा. मौके पर सावन सोय, रामलाल हेंब्रम, संजय होनहागा के अलावा विधायक प्रतिनिधि सानद आचार्य, लीपु महांती, सौरभ साहु, बड़ा बाबू सिंहदेव सहित कई उपस्थित थे.

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By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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