RBI Assistant Prelims Result 2023: आरबीआई ने असिस्टेंट परीक्षा का परिणाम जारी किया, ऐसे देखें रिजल्ट

ज्ञात हो कि आरबीआई ने 18 और 19 नवंबर को आरबीआई असिस्टेंट परीक्षा आयोजित की थी. आरबीआई असिस्टेंट परीक्षा कुल 100 अंक की आयोजित की गई थी और समय 60 मिनट निर्धारित किया गया था.

RBI Assistant Exam Result : आरबीआई असिस्टेंट परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है. परीक्षार्थी अपना रिजल्ट भारतीय रिजर्व बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं. रिजल्ट देखने के लिए परीक्षार्थियों को opportunities.rbi.org.in. पर जाना होगा.

18-19 नवंबर को हुई थी परीक्षा

ज्ञात हो कि आरबीआई ने 18 और 19 नवंबर को आरबीआई असिस्टेंट परीक्षा आयोजित की थी. आरबीआई असिस्टेंट परीक्षा कुल 100 अंक की आयोजित की गई थी और समय 60 मिनट निर्धारित किया गया था. परीक्षा में अंग्रेजी न्यूमेरिकल एबिलिटी और रिजनिंग के प्रश्न पूछे गए थे. आरबीआई असिस्टेंट परीक्षा में कुल दो खंड होते हैं, पहले खंड में 30 सवाल होते हैं और दूसरे खंड में 35-35 सवाल होते हैं. पिछले साल प्रारंभिक परीक्षा मार्च में आयोजित की गई थी और अप्रैल में रिजल्ट घोषित हुआ था.

रिजल्ट स्टेप बाई स्टेप ऐसे करें चेक

आरबीआई असिस्टेंट परीक्षा 2023 का रिजल्ट स्टेप बाई स्टेप ऐसे करें चेक:-

-सबसे पहले opportunities.rbi.org.in पर जाएं

– Current Vacancies पर क्लिक करें

रिजल्ट पर क्लिक करें

-Result of online Preliminary Examination पर क्लिक करें

-रिजल्ट पीडीएफ फाॅर्म में दिख जाएगा

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लेखक के बारे में

Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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