पीएम मोदी के Mann Ki Baat में खर्च होते हैं 8.3 करोड़ रुपये?‍ जानें क्या है सच

एक ट्विटर अकाउंट से एक मैसेज शेयर किया गया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के एक एपिसोड में 8.3 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं. इसके अलावा वायरल मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि इसके विज्ञापन में 830 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाशवाणी पर प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड को संबोधित किया. मन की बात के 100वें एपिसोड पूरे होने पर देश-दुनिया से प्रतिक्रियाएं तेजी से आ रही हैं. इस बीच मन की बात कार्यक्रम को लेकर एक मैसेज तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि मन की बात के एक कार्यक्रम की लागत 8.3 करोड़ रुपये है. तो आइये जानते हैं कि आखिर इस वायरल मैसेज में कितनी सच्चाई है.

Mann Ki Baat को लेकर वायरल मैसेज में क्या किया जा रहा दावा

एक ट्विटर अकाउंट से एक मैसेज शेयर किया गया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के एक एपिसोड में 8.3 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं. इसके अलावा वायरल मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि इसके विज्ञापन में 830 करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं.

क्या है वायरल मैसेज का सच

पीएम मोदी के मन की बात को लेकर जो मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, उसको लेकर पीआईबी की टीम ने फैक्ट चेक किया. पीआईबी की टीम ने वायरल मैसेज को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शेयर किया और बताया कि मन की बात को लेकर जो मैसेज वायरल हो रहा है, वह भ्रामक है. बताया गया है कि अबतक मन की बात के विज्ञापन में 8.3 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, न की एक एपिसोड की लागत इतनी है. पीआईबी फैक्ट चेक ने इस मैसेज को पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक बता दिया है.

Mann Ki Baat को पीएम मोदी ने बताया सामान्य लोगों से जुड़ने का रास्ता

मन की बात के 100वें एपिसोड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री बनने के बाद परिस्थितियों की विवशता के कारण उनके पास जनता से कट जाने की चुनौती थी, लेकिन ‘मन की बात’ ने इसका समाधान दिया और सामान्य लोगों से जुड़ने का रास्ता दिया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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