Papankusha Ekadashi 2022 Updates: पापांकुशा एकादशी आज, व्रत रखने से मिलेगी पापों से मुक्ति

Papankusha Ekadashi 2022 LIVE Updates: पापांकुशा एकादशी व्रत से पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस बार पापांकुशा एकादशी व्रत आज यानी 6 अक्टूबर 2022 को रखा जा रहा है. कहते हैं पापांकुशा एकादशी व्रत रखने से श्री हरि विष्णु भगवान प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

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12:54 PM. 6 Oct 22 7:24 AM. 6 Oct

एकादशी पर ना करें ये काम

पापांकुशा एकादशी तिथि का व्रत रख रहे हैं या परिवार में कोई रह रहा है तो दशमी तिथि से ही चावल और तामसिक भोजन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. दशमी पर सात तरह के अनाज, इनमें गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर की दाल नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इन सातों अनाजों की पूजा एकादशी के दिन की जाती है. पापांकुशा एकादशी पर ईश्वर का भजन और स्मरण रखने का विधान है. व्रत करने वालों को क्रोध, अहंकार, झूठ, फरेब आदि चीजों से दूर रहना चाहिए. साथ ही इस दिन सोना, तिल, गाय, अन्न, जल आदि चीजों का दान करना बहुत शुभ माना गया है.

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पापांकुशा एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 05 अक्टूबर, दोपहर 12 बजे से शुरू होगी, जो अगले दिन 06 अक्टूबर, गुरुवार को सुबह 09 बजकर 40 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार, पापांकुशा एकादशी व्रत 06 अक्टूबर को रखा जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना की होगी और उपवास रखा जाएगा.

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पापांकुशा एकादशी का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि पापांकुशा एकादशी व्रत रखने से व्यक्ति का कल्याण होता है. जीवन में धन-दौलत, सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. एकादशी का व्रत भगवान श्री हरि को समर्पित है. बता दें कि पापांकुशा एकादशी का व्रत कठोर तपस्या के समान है. इसका व्रत रखने से व्यक्ति कतो मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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पापांकुशा एकादशी व्रत पूजा विधि

एकदाशी तिथि को प्रातः उठकर स्नानादि करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करके व्रत का संकल्प लें. फिर कलश स्थापना करके उसके पास में आसन पर भगवान विष्णु की तस्वीर स्थापित करें. इसके बाद धूप-दीप और फल, फूल आदि से भगवान विष्णु का विधिपूर्वक पूजन करें.एकदाशी व्रत का पारण हमेशा अगले दिन द्वादशी तिथि को किया जाता है. द्वादशी तिथि को प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करने के पश्चात पूजन करें. फिर सात्विक भोजन बनाकर किसी ब्राह्मण को करवाएं और दान दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें. इसके बाद शुभ मुहूर्त में आप भी व्रत का पारण करें.

7:10 AM. 6 Oct 22 1:40 AM. 6 Oct

पापाकुंशा एकादशी व्रत कथा

प्राचीनकाल में विंध्य पर्वत पर क्रोधन नामक एक महाक्रूर बहेलिया रहता था. उसने अपनी सारी जिंदगी, हिंसा,लूट-पाट, मद्यपान और झूठे भाषणों में व्यतीत कर दी. जब उसके जीवन का अंतिम समय आया तब यमराज ने अपने दूतों को क्रोधन को लाने की आज्ञा दी. यमदूतों ने उसे बता दिया कि कल तेरा अंतिम दिन है.

मृत्यु भय से भयभीत वह बहेलिया महर्षि अंगिरा की शरण में उनके आश्रम पहुंचा. महर्षि ने दया दिखाकर उससे पापाकुंशा एकादशी का व्रत करने को कहा. इस प्रकार पापाकुंशा एकादशी का व्रत-पूजन करने से क्रूर बहेलिया को भगवान की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति हो गई.

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पापाकुंशा एकादशी का महत्व

महाभारत काल में स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को पापाकुंशा एकादशी का महत्व बताया. भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि यह एकादशी पाप का निरोध करती है अर्थात पाप कर्मों से रक्षा करती है. इस एकादशी के व्रत से मनुष्य को अर्थ और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य के संचित पाप नष्ट हो जाते हैं. इस दिन श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा तथा ब्राह्मणों को दान व दक्षिणा देना चाहिए. इस दिन सिर्फ फलाहार ही किया जाता है. इससे शरीर स्वस्थ व मन प्रफुल्लित रहता है.

मुख्य बातें

Papankusha Ekadashi 2022 LIVE Updates: पापांकुशा एकादशी व्रत से पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस बार पापांकुशा एकादशी व्रत आज यानी 6 अक्टूबर 2022 को रखा जा रहा है. कहते हैं पापांकुशा एकादशी व्रत रखने से श्री हरि विष्णु भगवान प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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