पापाकुंशा एकादशी व्रत की पूजा विधि
इस व्रत के प्रभाव से अनेकों अश्वमेघ और सूर्य यज्ञ करने के समान फल की प्राप्ति होती है. इसलिए पापाकुंशा एकादशी व्रत का बहुत महत्व है. इस व्रत की पूजा विधि इस प्रकार है:
1. इस व्रत के नियमों का पालन एक दिन पूर्व यानि दशमी तिथि से ही करना चाहिए. दशमी पर सात तरह के अनाज, इनमें गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर की दाल नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इन सातों धान्य की पूजा एकादशी के दिन की जाती है.
2. एकादशी तिथि पर प्रात:काल उठकर स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए.
3. संकल्प लेने के पश्चात घट स्थापना करनी चाहिए और कलश पर भगवान विष्णु की मूर्ति रखकर पूजा करनी चाहिए. इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए.
4. व्रत के अगले दिन द्वादशी तिथि को ब्राह्मणों को भोजन और अन्न का दान करने के बाद व्रत खोलें.