'अगर मुकेश अंबानी बिजनेसमैन नहीं होते तो...' बॉलीवुड की रूढ़िवादी सोच पर पंकज त्रिपाठी ने कह दी ऐसी बात

'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से लेकर 'मिमी' तक अपनी जबरदस्त भूमिका के लिए सराहे गए पंकज त्रिपाठी ने बॉलीवुड की रूढ़िवादी सोच पर बात की है. उन्होंने कहा कि ऑडिशन के दौरान, भले ही एक जूनियर कलाकार की आवश्यकता होती है, यह स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि आपका लुक काफी रिच रहना चाहिए.

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से लेकर ‘मिमी’ तक, अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने हर भूमिका में अपना बेस्ट दिया है. उनकी एक्टिंग की दुनिया फैन है. अब एक्टर जल्द ही मैं अटल हूं फिल्म में नजर आएंगे. हाल ही में एक इंटरव्यू ने एक्टर ने बॉलीवुड में दिखावे के आधार पर रूढ़िवादी सोच को लेकर कुछ सनसनीखेज खुलासा किया. उन्होंने कहा “सिनेमा ने एक स्टीरियोटाइप बना दिया है कि एक डॉक्टर इस तरह दिखता है और एक इंजीनियर इस तरह दिखता है… ऑडिशन के दौरान, भले ही एक जूनियर कलाकार की आवश्यकता होती है, यह स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि आपका लुक काफी रिच रहना चाहिए. फिल्मों में, हम कैटरीना जैसे डॉक्टरों को देखते हैं, लेकिन हमने उन्हें एम्स में कितनी बार देखा है?, अभिनेता ने कहा कि अब स्थिति बदल रही है लेकिन पास्ट में, फिल्में रूढ़िवादिता से भरी थीं.

बॉलीवुड की रूढ़िवादी सोच पर पंकज त्रिपाठी ने कह दी ऐसी बात

पंकज त्रिपाठी ने इसका एक उदाहरण रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी पर दिया. उन्होंने कहा, “अगर मुकेश अंबानी बिजनेसमैन नहीं होते और वह ऑडिशन के लिए जाते, तो उन्हें कभी भी एक अमीर आदमी के रूप में नहीं लिया जाता, क्योंकि वह ऐसे नहीं दिखते.” एक्टर ने आगे कहा, “हीरो धीरे से मुस्कुराता है पर विलेन जोर से हंसता है ऐसा हमने फिल्मों में देखा है पर हकीकत में खुल के हंसने वाला दिल का अच्छा होता है.”

मैं अटल हूं के लिए पंकज त्रिपाठी ने कैसे की तैयारी

अनुराग कश्यप की ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में दिखाई देने के बाद पंकज त्रिपाठी प्रमुखता से उभरे और तब से उन्होंने ‘फुकरे’, ‘मसान’ ‘बरेली की बर्फी’, ‘फुकरे रिटर्न्स’, ‘स्त्री’ जैसे कई अलग-अलग फिल्मों में काम किया. एक्टर जल्द ही ‘मैं अटल हूं’ फिल्म में दिखाई देंगे. इसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका निभाई है. इस रोल के लिए उन्होंने कैसे खुद को तैयार किया. इसपर बात करते हुए एक्टर ने कहा, “मैं डरा हुआ था, मैं इसे कैसे करूंगा, मुझे नहीं पता कि क्या होगा, कैसे होगा, यह सोचने में मुझे सात-आठ दिन लग गए… मैंने दोस्तों के सुझाव लिए…उन्हें लगा कि मैं सही व्यक्ति हूं… तब जाकर निर्माता विनोद भानुशाली को जाकर हां कहा.

पंकज ने फिल्म के लिए सीखी कई चीजें

एक्टर ने कहा, ‘निर्माता विनोद भानुशाली ने मुझे पहले ही कहा था कि अगर तुम इस रोल को नहीं करोगे तो मैं मूवी बिल्कुल भी नहीं बनाऊंगा.’ पंकज त्रिपाठी ने आगे कहा, क्या मैं आदरणीय अटल जी का किरदार निभा पाऊंगा. मुझे नहीं पता था कि मैं कितनी नकल करता हूं, क्योंकि मैं नकल और मिमिक्री नहीं जानता था, यही चुनौती थी. वह एक विशाल व्यक्तित्व हैं और उन्हें सिनेमा पर दो घंटे की कहानी में लाना वाकई में काफी मुश्किल रहा मेरे लिए.”

मैं अटल हूं की क्या है कहानी

यह याद करते हुए कि कैसे उन्होंने खुद को अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका में ढाला. उन्होंने कहा. “मैंने फिल्म में अटल जी की कविताओं को सुनाया है, लेकिन यह बिल्कुल उसी तरह नहीं है, जैसा उन्होंने किया था… सार को बनाए रखा गया है, कुछ स्थानों पर रुकावटें हैं. लेकिन थोड़ा ट्विस्ट किया गया है. फिल्म में कुछ जगहों पर अटल जी की आवाज में भी कविता सुनाई गई है.” उन्होंने आगे कहा, “यह बटेश्वर के एक बच्चे की कहानी है जो बाद में कवि और राजनेता बन जाता है जिसका नाम अटल बिहारी वाजपेयी है और प्रधानमंत्री बनता है.

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मैं अटल हूं कब होगी रिलीज

इस फिल्म के शोध के दौरान, मैंने पाया है कि एक आदमी को अंदर से लोगों का नेता होना चाहिए. यह किसी के लिए हर किसी की विचारधारा पसंद आना संभव नहीं है और हर कोई सोचता है कि मेरी विचारधारा सही है. असहमति में भी सहमति होनी चाहिए, लोग मेरी आलोचना भी कर सकते हैं और मैं इसे स्वीकार करूंगा.” ‘मैं अटल हूं’ का निर्देशन निर्देशक रवि जाधव ने किया है. फिल्म को ऋषि विरमानी और रवि जाधव ने लिखा है. यह फिल्म 19 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह भानुशाली स्टूडियोज लिमिटेड और लीजेंड स्टूडियोज, विनोद भानुशाली, संदीप सिंह, सैम खान और कमलेश भानुशाली द्वारा समर्थित है.

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Author: Ashish Lata

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