कोलकाता के मैदान की खुशबू थे पीके बनर्जी

p k banerjee was the essence of kolkata maidan. कोलकाता/नयी दिल्ली : भारत के महान फुटबॉलरों (Great Footballer) में एक पीके बनर्जी (P K Banerjee) 60 के दशक में खिलाड़ी के रूप में चमके और फिर 70 के दशक के बेहतरीन कोच ‘पीके’ या, प्रदीप ‘दा’ ने जो देश में फुटबॉल के लिए किया, उसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा. उन्होंने खिलाड़ी के रूप में दो ओलिंपिक (मेलबर्न 1956, रोम 1960) और तीन एशियाई खेल (1958, 1962, 1966) में देश का प्रतिनिधित्व किया.

कोलकाता/नयी दिल्ली : भारत के महान फुटबॉलरों (Great Footballer) में एक पीके बनर्जी (P K Banerjee) 60 के दशक में खिलाड़ी के रूप में चमके और फिर 70 के दशक के बेहतरीन कोच ‘पीके’ या, प्रदीप ‘दा’ ने जो देश में फुटबॉल के लिए किया, उसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा. उन्होंने खिलाड़ी के रूप में दो ओलिंपिक (मेलबर्न 1956, रोम 1960) और तीन एशियाई खेल (1958, 1962, 1966) में देश का प्रतिनिधित्व किया.

पीके सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि एक ऐसा किरदार थे, जिसने बंगालियों को पसंद आने वाली हर चीज को पहचान लिया. अच्छी फुटबॉल, शानदार कहानियां और चिरस्थायी बंधन. उनके खेलने के दिनों की कोई वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं है.

एक खिलाड़ी के रूप में 1962 जकार्ता एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक हासिल किया और अपने पहले बड़े टूर्नामेंट में कोच के रूप में 1970 बैंकॉक में कांस्य पदक दिलाया. उनकी काबिलियत की कोई बराबरी नहीं कर सकता और आगे भी ऐसा होने की संभावना नहीं है.चुन्नी गोस्वामी

मुझे नहीं लगता कि किसी के शॉट में इतनी ताकत होगी, जितनी प्रदीप के शॉट में होती थी. साथ ही मैच के हालात को भांपने की उनकी काबिलियत अद्भुत थी.

चुन्नी गोस्वामी, 1962 स्वर्ण पदक विजेता टीम के कप्तान

पीके सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि एक ऐसा किरदार थे, जिसने बंगालियों को पसंद आने वाली हर चीज को पहचान लिया. अच्छी फुटबॉल, शानदार कहानियां और चिरस्थायी बंधन. उनके खेलने के दिनों की कोई वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं है, लेकिन आप जरा कल्पना कीजिए कि एशियाई खेलों के एक चरण में जापान और दक्षिण कोरिया के खिलाफ एक खिलाड़ी गोल दाग रहा है.

उनके प्रिय मित्र और 1962 स्वर्ण पदक विजेता टीम के कप्तान चुन्नी गोस्वामी ने एक साक्षात्कार में कहा था, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी के शॉट में इतनी ताकत होगी, जितनी प्रदीप के शॉट में होती थी. साथ ही मैच के हालात को भांपने की उनकी काबिलियत अद्भुत थी.’

मैच परिस्थितियों को पढ़ने की क्षमता के कारण बनर्जी 70 से 90 के दशक में भारत के सबसे महान फुटबॉल कोचों में से एक बन गये थे. संभवत: वह भारत के पहले ‘फुटबॉल मैनेजर’ थे, जब यह पद प्रचलन में नहीं था.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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