पश्चिम बंगाल : NHRC की फैक्ट फाइंडिंग टीम आज पहुंचेगी शिवपुर, हिंसाग्रस्त इलाके का करेंगे दौरा

आज रविवार 9 अप्रैल को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की टीम हावड़ा के शिवपुर में पहुंचेगी. कमेटी के सदस्य हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे. बता दें कि शनिवार को दिल्ली से यहां पहुंची टीम हुगली के रिसड़ा जा रही थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था.

West Bengal News: आज रविवार 9 अप्रैल को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की टीम हावड़ा के शिवपुर में पहुंचेगी. कमेटी के सदस्य हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे. बता दें कि शनिवार को दिल्ली से यहां पहुंची टीम हुगली के रिसड़ा जा रही थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था. हावड़ा सिटी पुलिस कमेटी के सदस्यों को हिंसाग्रस्त इलाकों में जाने देगी या नहीं, यह अब तक साफ नहीं है. मालूम रहे कि पूर्व आइपीएस राजपाल सिंह के नेतृत्व में कमेटी के छह सदस्य यहां पहुंचे हैं. उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों शिवपुर थाना अंतर्गत फजीर बाजार के पास धार्मिक जुलूस पर हमला होने के बाद यहां दो दिनों तक जमकर हिंसा हुई थी. इस घटना में पुलिस ने 38 लोगों को गिरफ्तार किया है.

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ऑन ह्यूमन राइट्स वायलेशन की पांच सदस्यीय टीम शनिवार दोपहर हुगली पहुंची. टीम दिल्ली से कोलकाता होते हुए श्रीरामपुर बांगीहाटी पहुंची. लेकिन चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी विदित राज भूंदेश सहित अन्य अधिकारियों ने टीम को रिसड़ा जाने से रोक दिया. कमेटी के सदस्य व पूर्व आइजी (हरियाणा पुलिस) राजपाल सिंह ने कहा कि पुलिस ने अवैध तरीके से उन्हें हिंसा प्रभावित इलाकों में जाने से रोका है. लेकिन तूफान को रोकना आसान नहीं है. हमें वहां के लोगों की स्थिति जाननी थी. यह भी पता करना था कि सीपी, एसीपी, डीसीपी हिंसा के वक्त कहां थे? एंबुलेंस कब आयी, दमकल कब आया, कितने लोग घायल हुए, कैसे हिंसा फैली आदि. लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए हमें रोक दिया कि आप बाहरी हैं.

सिंह ने कहा कि यदि हमें बाहरी कहा जा रहा है, तो इस देश में रहने वाले सभी लोग बाहरी हैं. बंगाल पुलिस को देखकर ऐसा लगता है कि वह राज्य सरकार की सुरक्षाकर्मी है. हम दो दिनों तक इंतजार करेंगे. फिर दिल्ली को रिपोर्ट सौंपेंगे. टीम के अन्य सदस्य संजीव नायक ने कहा कि पुलिस प्रशासन को हमें रोकना नहीं चाहिए. हम तो सिविल सोसाइटी से हैं. हम पॉलिटिकल लोग नहीं हैं. हम सांप्रदायिक सौहार्द को बनाये रखने के लिए जा रहे हैं. हमारा किसी समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है. रोके जाने का कारण पूछने पर डीएसपी ने हमें बताया कि वहां धारा 144 लागू है. इसलिए आप वहां नहीं जा सकते.

हमने कहा कि हम प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वहां जायेंगे. एक साथ नहीं, बल्कि बारी-बारी से जायेंगे. लेकिन पुलिस हमारी नहीं सुन रही है. कमेटी के एक अन्य सदस्य डॉ चारू वाली खन्ना ने कहा कि हम कानून को मानते हुए हिंसा प्रभावित क्षेत्र में जाना चाहते हैं, फिर भी हमें रोका जा रहा है. बता दें कि सवा घंटे तक इंतजार के बाद आखिरकार टीम लौट गयी.

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By Nutan kumari

Digital and Broadcast Journalist. Having more than 4 years of experience in the field of media industry. Specialist in Hindi Content Writing & Editing.

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