विधायक राजू पाल हत्या की मुख्य गवाह रुखसाना बेगम के भाई और उसके साथियों पर एफआइआर, धमकी- रंगदारी का आरोप

पुलिस ने हत्या के आरोपी नूर अख्तर पर उसके साथियों सहित 2020 में मारे गए लोटन निषाद के भाई को कथित रूप से धमकाने का मामला दर्ज कर लिया है.

लखनऊ. प्रयागराज में 2005 में हुई विधायक राजू पाल हत्या की मुख्य गवाह रुखसाना बेगम के भाई और उसके साथियों पर जान से मारने की धमकी देने के साथ ही एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया है. बिरजू निषाद ने कर्नलगंज थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया कि वह अपने भाई लौटन निषाद की हत्या में गवाह है.वह जिला न्यायालय में सोमवार को अपने भाई के हत्या के मुकदमे में गवाही देकर लौट रहा था कि उसी समय नूर अख्तर और उसके साथियों ने उसे रोक लिया. एक करोड़ रुपये की रंगदारी न देने पर जाने से मारने की धमकी दी. पुलिस ने हत्या के आरोपी नूर अख्तर पर उसके साथियों सहित 2020 में मारे गए लोटन निषाद के भाई को कथित रूप से धमकाने का मामला दर्ज कर लिया है.

1 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप

2020 में तब्लीगी जमात के सदस्यों द्वारा ‘कोविड फैलाने’ को लेकर बहस के दौरान नूर द्वारा लोटन की हत्या कर दी गई थी, तब से, नूर के खिलाफ हत्या का मामला चल रहा है. वह वर्तमान में जमानत पर बाहर है. सोमवार को, जब बिरजू अपने भाई की हत्या के मामले में बयान देकर जिला अदालत से लौट रहा था, नूर और उसके सहयोगियों – जाकिर अली, सादिक और साजिद ने कथित तौर पर पूर्व को रोका. प्राथमिकी के अनुसार, उन्होंने बिरजू को धमकी दी और उनसे जबरन वसूली में ₹1 करोड़ देने को कहा.

पुलिस मामले की जांच कर रही

एसएचओ राम मोहन राय के मुताबिक इस सिलसिले में आगे की जांच की जा रही है.दिलचस्प बात यह है कि नूर अख्तर ने हाल ही में करेली पुलिस स्टेशन में चार लोगों, मुबारक प्रधान, शराफत, इशरत और अरबाज – के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. जिनके बारे में उनका दावा था कि वे मारे गए माफिया नेता अतीक अहमद के करीबी सहयोगी थे. नूर अख्तर 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या की गवाह रुकसाना बेगम का भाई है.

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By अनुज शर्मा

Senior Correspondent
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