VIDEO: मुमताज और आशा भोसले ने ‘कोई शहरी बाबू’ गाने पर किया डांस, यूजर बोले- ओल्ड इज गोल्ड

1973 की फिल्म लोफर के गाने कोई शहरी बाबू को मुमताज पर फिल्माया गया था. जिसे आशा भोसले ने आवाज दी थी. 50 साल बाद भी इस गाने को खासा प्यार मिलता है.

बॉलीवुड अभिनेत्री मुमताज और मशहूर सिंगर आशा भोसले की जोड़ी एक बार फिर से धमाल मचाती नजर आई हैं. 70 से 80 के दशक में दोनों की जोड़ी काफी मशहूर थी. आशा भोसले की कई बेहतरीन गानों को मुमताज ने अपने डांस और अदाकारी से यादगार बना दिया. 50 साल बाद जब दोनों ने एक छत के नीचे फिल्म लोफर के गाने ‘कोई शहरी बाबू’ गाने पर डांस किया, तो लोग पुराने दौर को याद करने के लिए मजबूर हो गए.

मुमताज ने आशा ताई को भी कराया डांस

अपने दौर की मशहूर अभिनेत्री मुमताज ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया. जिसमें वो ‘कोई शहरी बाबू’…गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं. वीडियो में मुमताज के साथ आशा ताई भी दिख रही हैं. मुमताज ने डांस करते-करते आशा ताई को भी डांस करने पर मजबूर कर दिया. वीडियो शेयर करने के साथ मुमताज ने लिखा, भ्रम में जीते हैं, ये सच्चाई से कोसो दूर.

मुमताज और आशा ताई के डांस को देख यूजर बोले- ओल्ड इज गोल्ड

मुमताज और आशा ताई के डांस को देखकर यूजर लगातार कमेंट्स कर रहे हैं. कई यूजर ने लिखा, ओल्ड इज गोल्ड. मिनाक्षी दत्त ने लिखा, मुमताज हमेशा सबसे अलग थीं. एक यूजर ने लिखा, आज भी उतनी ही एनर्जी है, मुमताज में.

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‘कोई शहरी बाबू’ गाने को लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने किया था कंपोज, आशा ताई ने गाया था

1973 की फिल्म लोफर के गाने ‘कोई शहरी बाबू’ को मुमताज पर फिल्माया गया था. जिसे आशा भोसले ने आवाज दी थी. 50 साल बाद भी इस गाने को खासा प्यार मिलता है. आज के दौर में भी इस गाने को खूब सुना जाता है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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