Mamata Banerjee : नेताजी की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की 20 वर्षों की काेशिश रही नाकाम : सीएम

ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले नेताजी के लापता होने की जांच करने का वादा किया था लेकिन बाद में वह भूल गयी.यह भारत का दुर्भाग्य है कि इतने वर्षों बाद भी हमारे पास नेताजी के निधन की तारीख नहीं है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले नेताजी के लापता होने की जांच करने का वादा किया था लेकिन बाद में वह भूल गयी.यह भारत का दुर्भाग्य है कि इतने वर्षों बाद भी हमारे पास नेताजी के निधन की तारीख नहीं है. मैंने 20 वर्षों तक कोशिश की कि नेताजी की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए लेकिन मैं नाकाम रही, कृपया मुझे माफ कर दीजिए. केन्द्र सरकार चाहती ताे नेताजी की जयंती पर सरकारी अवकाश दे सकती थी लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहती है. भाजपा को राजनीति करना है और लोगों को भ्रमित करना है. नेताजी को और उनके बलिदान का भाजपा भूल गई है.

यह शर्मनाक है कि हम आज तक नहीं जानते कि नेताजी के साथ क्या हुआ था : ममता

उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी ने सुभाष चन्द्र बोस की 127वीं जयंती पर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया इस दाैरान उन्होंने भाजपा पर तंज कसा. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह देश के लिए शर्म की बात है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लापता होने के इतने वर्षों बाद भी लोग यह नहीं जानते कि उनके साथ क्या हुआ था और न ही उन्हें उनकी मौत की तारीख पता है. केंद्र द्वारा राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए सोमवार को केंद्र सरकार के कार्यालयों में आधे दिन के अवकाश की घोषणा करने के स्पष्ट संदर्भ में ममता ने कहा कि आज कल राजनीतिक विज्ञापनों के लिए छुट्टियों की घोषणा की जाती है लेकिन उन लोगों के लिए कोई घोषणा नहीं की गयी जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ते हुए अपनी जान न्यौछावर कर दी थी.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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