ओडिशा रेल हादसे के पीड़ितों को मुआवजा देंगी ममता बनर्जी, सुकांत मजुमदार ने वीडियो ट्वीट कर लगाये गंभीर आरोप

ओडिशा ट्रेन हादसे में मारे गये लोगों के परिजनों के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज मुआवजा का वितरण करेंगी. तीन बजे नेताजी इंडोर स्टेडियम में यह कार्यक्रम आयोजित होगा. इसके पहले भाजपा नेता ने एक वीडियो ट्वीट किया है, जिससे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

ओडिशा रेल हादसे में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के लोगों के निकट परिजनों और घायल हुए लोगों सूबे की मुखिया ममता बनर्जी बुधवार को मुआवजा देंगी. ओडिशा के बालासोर जिले में कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद ममता बनर्जी ने बंगाल के मृतकों के परिजनों को अलग से 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया था. इस बीच, पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजुमदार ने तृणमूल कांग्रेस पर चलन से बाहर हो रहे 2,000-2,000 रुपये के नोट मुआ‍जा के रूप में बांटकर गरीबों की मुश्किलें बढ़ाने का आरोप लगाया है.

सुकांत मजुमदार ने वीडियो ट्वीट कर लगाये गंभीर आरोप

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजुमदार ने एक वीडियो ट्वीट किया है, जिसमें तीन महिलाएं 2,000-2,000 रुपये के नोट लिये बैठी हैं. श्री मजुमदार ने लिखा है कि ममता बनर्जी के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के एक मंत्री ने ओडिशा रेल हादसे के पीड़ितों को दो लाख रुपये दिये हैं. ये रुपये 2,000 रुपये के नोट में दिये गये हैं. इन नोटों के बहाने उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर काला धन को सफेद करने के आरोप लगाये हैं.

तृणमूल के मंत्री ने मृतक के परिवार को दिये 2 लाख, धन्यवाद

सुकांत मजुमदार ने लिखा है- ममता बनर्जी के निर्देश पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्य के एक मंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है. इसके लिए उनका धन्यवाद करता हूं. लेकिन, इस संबंध में एक सवाल भी पूछना चाहता हूं कि 2,000 रुपये के नोटों में 2 लाख रुपये देने का उद्देश्य क्या है?

काला धन को सफेद करने का तृणमूली तरीका : भाजपा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि वर्तमान में 2,000 रुपये के नोटों को बाजार से वापस लिया जा रहा है. बैंकों को इसके निर्देश जारी हो चुके हैं. लोग बैंकों में जाकर 2,000 रुपये के नोटों के बदले छोटे नोट ले रहे हैं. ऐसे में गरीबों को 2,000 रुपये के नोटों में इतनी बड़ी रकम देकर क्या उनकी परेशानी नहीं बढ़ायी जा रही? दूसरी एक बात और कहना चाहता हूं कि क्या यह काला धन को सफेद करने का तृणमूली तरीका नहीं है?

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इंडोर स्टेडियम में 3 बजे मुआवजा बांटेंगी ममता बनर्जी

बहरहाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी आज कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में अपराह्न 3 बजे ओडिशा रेल हादसे के पीड़ितों के बीच मुआवजा का वितरण करेंगी. ममता बनर्जी ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को तो वह मदद देंगी ही, जो सामान्य रूप से घायल हुए हैं, उन्हें भी सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जायेगी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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