Jharkhand News: गढ़वा जिले में तेंदुआ का हमला थमने का नाम नहीं ले रहा है. तेंदुआ हर दिन किसी न किसी घटना को अंजाम दे रहा है. ताजा घटना में गुरुवार को चिनिया के सीदे गांव में तेंदुआ ने किसान बिंदू यादव के एक बछड़े पर हमला किया है. इस हमले में बछड़ा बुरी तरह घायल हो गया है. वन प्रमंडल पदाधिकारी दक्षिणी, शशि कुमार ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि गुरुवार को तेंदुआ ने बछड़े पर हमला किया, लेकिन वह उसे मारकर खा नहीं पाया. वहीं, दो बाघ का वीडियो वायरल हुआ है. हालांकि, वन विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है. लेकिन, वीडियो के वायरल होने के साथ लोगों में दहशत भी देखा रहा है.
13 दिसंबर को दो बच्चों पर तेंदुआ ने किया था हमला
इधर, तेंदुआ पलामू टाइगर रिजर्व (Palamu Tiger Reserve- PTR) से काफी दूर होता जा रहा है. सिदे गांव, जहां गुरुवार को तेंदूआ का हमला हुआ है, वह पीटीआर से करीब 70 किमी की दूरी पर स्थित है. गत 13 दिसंबर को पीटीआर से कुछ किमी की दूरी पर स्थित बिजका गांव में तेंदुआ का पहला हमला सामने आया था. यहां तेंदुआ ने दो बहनों पर हमला किया था, लेकिन वह उन्हें मारने में सफल नहीं हो सका. तब से अब तक इस तेंदुआ के हमले में दो बच्चों एवं भैंस के मारे जाने एवं कुछ अन्य जानवरों को घायल करने की सूचना मिली है.
पीटीआर से दूर होता जा रहा तेंदुआ
वन विभाग के पदाधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे तेंदुआ पीटीआर से दूर होता जायेगा, उसके पीटीआर वापस लौटने की संभावना कम होती जायेगी. उल्लेखनीय है कि गढ़वा जिले के भंडरिया व लातेहार जिले के सीमांत क्षेत्र के घने जंगल को भी पीटीआर में शामिल किया गया है. इसमें मुख्य रूप से कुटकू (मंडल) डैम के आसपास का क्षेत्र जो गढ़वा जिला के भंडरिया प्रखंड में है, वह भी शामिल है.
चिनिया के पूरेगाड़ा में दो बाघ होने का वीडियो वायरल
इधर, गढ़वा जिले में तेंदुए के आतंक के बीच चिनिया के पूरेगाड़ा में दो बाघ देखे जाने का वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो के अनुसार, दो बाघ एक साथ सड़क पार कर रहा है. यह वीडियो चारपहिया वाहन में बैठे लोगों के बनाए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन वन विभाग के पदाधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है. दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी शशि कुमार ने बताया कि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है. यह वीडियो फेक भी हो सकता है.
न विभाग ने आम लोगों को सर्तक रहने की अपील की
दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री कुमार ने बताया कि तेंदुआ को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है, लेकिन तब तक आम लोगों को भी पूरी सतर्कता बरतनी होगी. खासकर महिलाएं घर से बाहर समूह में निकलें और बच्चों को अकेला न छोड़े़ं. सुबह और शाम तेंदुआ के चरम गतिविधि का समय होता है. इसलिए इस वक्त घर से बाहर कम से कम चार-पांच व्यस्क व्यक्तियों के समूह में निकलें. वन क्षेत्रों में किसी जंगली जानवर के दिखने पर उसका पीछा न करें या उसके पास जाने की कोशिश न करें. मवेशियों को जंगल या फसल के खेतों के पास चारागाह में ले जाने के समय कम-से-कम चार-पांच व्यस्क व्यक्तियों के समूह में जाएं. मवेशियों के गले में घंटी या अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले अन्य उपकरण का प्रयोग करें. वन क्षेत्रों या झाड़ीनुमा क्षेत्रों में शाम या सुबह के समय शौच के लिए बाहर न निकलें. अपने घरों के आसपास रसोई का कचरा जमा न करें, क्योंकि यह आवारा कुत्तों को उस स्थान पर आमंत्रित करता है, जो बदले में तेंदुए की आवाजाही की संभावना बनाता है. घरों के पास की झाड़ी साफ रखें एवं घर के बाहर एवं गलियों में प्रकाश की व्यवस्था रखें. नशे की हालत में घर से बाहर नहीं निकले.
आपात स्थिति में संपर्क करें
वन प्रमंडल पदाधिकारी दक्षिणी, शशि कुमार ने आपात स्थिति में या तेंदुएं के भ्रमण की सूचना मिलने पर दूरभाष संख्या- 94307-78325/6205861551/89877-90238/ 89877-90237/91423-54364/84098-17024 पर संपर्क करने की अपील की है.
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रिपोर्ट : पीयूष तिवारी, गढ़वा.
