मकर-संक्रांति के दिन समाप्त होगा खरमास, जानें इस दिन से शुरू होंगे मांगलिक कार्य

Kharmaas 2024: भगवान सूर्य जैसे ही धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तो मंगलिक कार्य शुरू हो जाएगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार मकर की संक्रांति लगते ही खरमास समाप्त हो जाता है.

Kharmaas 2024: पौष महीने की शुरुआत हो चुकी है. यह महीना भगवान सूर्य को समर्पित है. इस महीने में भगवान सूर्य की आराधना और पितरों का तर्पण करने से शुभ फल मिलते हैं. पंचांग के अनुसार 25 जनवरी 2024 को पौष पूर्णिमा के साथ पौष का महीना समाप्त हो जाएगा. हालांकि 15 जनवरी को मकर संक्रांति से मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे. विवाह के लिए पहला मुहूर्त 16 जनवरी को मिल रहा है. पौष मास में ही मांगलिक कार्य की शुरुआत हो जाएगी.

मकर संक्रांति पर स्नान दान का विशेष महत्व

ज्योतिषाचार्य के अनुसार जब सूर्य धनु राशि में पहुंचते हैं तो धनु की संक्रांति होती है, सूर्य जितने दिन तक धनु राशि में विराजमान रहेंगे, तब तक सभी प्रकार के मांगलिक कार्य बंद रहेगा. भगवान सूर्य जैसे ही धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तो मंगलिक कार्य शुरू हो जाएगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार मकर की संक्रांति लगते ही खरमास समाप्त हो जाता है. जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते है, उस दिन को मकर संक्रांति कहते है. मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने का विधान है, इसके साथ ही इस दिन स्नान दान का विशेष महत्व है.

मकर संक्रांति पर पूजा का मुहूर्त

साल 2024 में मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार, पुण्य काल मुहूर्त सुबह 07 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. ऐसे में मकर संक्रांति का पुण्यकाल 5 घंटे 14 मिनट का होगा.

खरमास में भूलकर भी न करें ये कार्य

वधू प्रवेश, वर वरण, कन्या वरण, बरच्छा, विवाह से संबंधित समस्त कार्य, मुंडन, यज्ञोपवीत, दीक्षा ग्रहण, गृहप्रवेश, गृहारंभ, कर्णवेध, प्रथम बार तीर्थ पर गमन, देव स्थापन, देवालय का आरंभ, मूर्ति स्थापना, किसी विशिष्ट यज्ञ का आरंभ, कामना परक कर्म का आरंभ, व्रतारंभ, व्रत का उद्यापन जैसे कार्य खरमास में नहीं किए जाते हैं.

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अगले वर्ष विवाह मुहूर्त

जनवरी- 16, 17, 18, 20, 21, 22, 27, 29, 30, 31

फरवरी- 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 12, 13, 14, 17, 18, 19, 23, 24, 25, 27

मार्च – 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 11, 12

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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