WB : जस्टिस अभिजीत गांगुली ने किया प्रश्न, क्या सोशल मीडिया पर अपनी संपत्ति का ब्योरा डालेंगे अभिषेक बनर्जी

जस्टिस गांगुली ने कहा कि आमलोग यह जानना चाहते हैं कि किस नेता के पास कितनी संपत्ति है और उनकी संपत्ति का स्रोत क्या है. उन्होंने यह भी कहा कि क्या राज्य सरकार यह बता सकती है कि बंगाल में हुए घोटालों एवं धोखाधड़ी के केस लड़ने के लिए उसने सुप्रीम कोर्ट में कितने रुपये खर्च किये?

कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गांगुली ( Judge Abhijeet Ganguly ) ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को लेकर सवालिया अंदाज में जानना चाहा है कि क्या वह सोशल मीडिया पर अपनी संपत्ति का ब्योरा हलफनामा के रूप में पोस्ट करेंगे. हाइकोर्ट के बाहर मीडियाकर्मियों से बातचीत में जस्टिस गांगुली ने कहा कि सिर्फ अभिषेक बनर्जी ही नहीं, अन्य नेताओं को भी अपनी संपत्ति का हलफनामा तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना चाहिए. अदालत सूत्रों के मुताबिक, जस्टिस गांगुली ने कहा कि अभिषेक बनर्जी एक नेता हैं. उनके पास इतनी संपत्ति कहां से आयी. क्या वह अपने संपत्ति विस्तार पर हलफनामा देकर सोशल मीडिया में इसकी जानकारी साझा करेंगे? जज ने अभिषेक से प्रॉपर्टी डीड सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने का अनुरोध करते हुए कहा,“ यदि आप ऐसा करते हैं, तो मैं मीनाक्षी मुखर्जी या अन्य समकक्ष नेताओं से भी अनुरोध करूंगा कि वे भी अपनी संपत्ति का हलफनामा सोशल मीडिया पर डालें.”

आमलोग जानना चाहते हैं कि किस नेता के पास कितनी संपत्ति है

जस्टिस गांगुली ने कहा कि आमलोग यह जानना चाहते हैं कि किस नेता के पास कितनी संपत्ति है और उनकी संपत्ति का स्रोत क्या है. उन्होंने यह भी कहा कि क्या राज्य सरकार यह बता सकती है कि बंगाल में हुए घोटालों एवं धोखाधड़ी के केस लड़ने के लिए उसने सुप्रीम कोर्ट में कितने रुपये खर्च किये? इधर, तृणमूल छात्र परिषद के नेता सुदीप राहा ने जस्टिस गांगुली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस पर न्यायाधीश ने कहा,“ मैंने सुदीप राहा का नाम इसके पहले नहीं सुना है. मुझे दबाव में डालने की कोशिश की जा रही है. मुझे लगता है कि इस बार नेताओं का एक समूह सुप्रीम कोर्ट में केस दायर कर सकता है. इस मांग पर कि अदालत उन्हें खुलेआम चोरी करने की अनुमति दे. अगर वे चोरी करना बंद कर देंगे, तो उनके लिए मुश्किल हो जायेगी.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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