गढ़वा के रंका में जेजेएमपी-पुलिस मुठभेड़, दो उग्रवादियों को लगी गोली, रंका के थाना प्रभारी मेडिका में भर्ती

पुलिस को इस बात की सूचना पहले ही मिल गई थी कि झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) का एरिया कमांडर टुनेश उरांव अपने दस्ते के साथ इस इलाके में आने वाला है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया था.

Jharkhand Naxal Encounter|Garhwa News Today|झारखंड में एक बार फिर उग्रवादियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई. इसमें कम से कम दो नक्सलियों को गोली लगने की सूचना है. वहीं, रंका के थाना प्रभारी इस मुठभेड़ में घायल हो गए हैं. उन्हें रिम्स रेफर किया गया था, लेकिन रांची में उन्हें मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यहां पुलिस के सीनियर ऑफिसर्स ने उनसे मुलाकात की. थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. सूचना है कि एक उग्रवादी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटनास्थल पर खून के धब्बे मिले हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कम से कम दो नक्सलियों को गोली लगी है. प्रभात खबर के रंका प्रतिनिधि नंदकुमार ने बताया कि मुठभेड़ देर रात हुई. करीब 11:30 बजे हुई मुठभेड़ के बारे में ग्रामीणों को भी सुबह में जानकारी हुई. हालांकि, गोलीबारी की आवाजें रात भर आतीं रहीं, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि पुलिस की जेजेएमपी उग्रवादियों से मुठभेड़ हुई है.

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पुलिस को थी जेजेएमपी के उग्रवादियों के आने की खबर

बताया जा रहा है कि पुलिस को इस बात की सूचना पहले ही मिल गई थी कि झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) का एरिया कमांडर टुनेश उरांव अपने दस्ते के साथ इस इलाके में आने वाला है. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया था. जंगल में दाखिल होते ही उग्रवादियों ने पुलिस को देख लिया और उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. इसमें दोनों ओर से रात भर फायरिंग होती रही. इसमें रंका थाना के प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा घायल हो गए. उनको रांची भेज दिया गया. पुलिस का दावा है कि कम से कम दो उग्रवादियों को गोली लगी है.

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देर रात रंका पहुंचे गढ़वा के एसपी दीपक कुमार पांडेय

गढ़वा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक कुमार पांडेय और डीएसपी संतोष कुमार पुलिस बलों के साथ रात में ही रंका के ढेंगुरा जंगल में स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे. सुबह से पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इसमें रंका, चिनिया और रमकंडा की पुलिस के अलावा जगुआर के जवान भी सर्च ऑपरेशन में शामिल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जंगल की चट्टानों पर गोलियों के निशान देखे जा सकते हैं. एक चट्टान पर कम से कम सात गोलियों को निशान देखे गए हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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