झारखंड : ओबीसी आरक्षण पर लगा ग्रहण! राज्यपाल ने वापस लौटाया विधेयक, जानें कारण

झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राज्य में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ाने की मांग वाले विधेयक को वापस कर दिया है. जानकारी हो कि ऑस बिल के लागू होने के बाद से राज्य में सरकार की नौकरियों में कुल आरक्षण 77 प्रतिशत हो जाएगा.

OBC Reservation In Jharkhand: झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राज्य में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ाने की मांग वाले विधेयक को वापस कर दिया है. बता दें कि यह विधेयक अन्य पिछड़ा वर्ग कोटे को 14% से बढ़ाकर 27% और अनुसूचित जनजाति के कोटे को 26% से बढ़ाकर 28% और अनुसूचित जाति को 10% से 12% करने का प्रयास करता है. ऐसे में अगर यह बिल पारित होता है तो राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण को शामिल करने के साथ सरकार की नौकरियों में कुल आरक्षण 77 प्रतिशत हो जाएगा.

भारत के अटॉर्नी जनरल से कानूनी राय के आधार पर लौटाया गया बिल

इस मामले में अधिक जानकारी देते हुए राज्यपाल के कार्यालय के अधिकारी ने कहा कि यह बिल भारत के अटॉर्नी जनरल से कानूनी राय के आधार पर लौटाया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि झारखंड के पिछले राज्यपाल रमेश बैस ने इस बिल को अटॉर्नी जनरल को भेजा था. जिन्होंने कहा है कि बिल आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को ध्यान में नहीं रखा गया है. ऐसे में उस राय को ध्यान में रखते हुए बिल को समीक्षा के लिए पिछले महीने सरकार के पास वापस भेज दिया गया था. जानकारी हो कि यह बिल नवंबर महीने में पारित किया गया था.

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