लोहरदगा के कैरो में अधूरी पुलिया बनी लोगों के लिए परेशानी की वजह

कैरो प्रखंड क्षेत्र के लोगो को जिला मुख्यालय लोहरदगा जाने के लिए 18 किलोमीटर की दूरी के बजाय 33 या 42 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ता है.

कैरो प्रखंड क्षेत्र के लोगो को जिला मुख्यालय लोहरदगा जाने के लिए 18 किलोमीटर की दूरी के बजाय 33 या 42 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ता है. प्रखंड क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे सुविधा एवं नजदीक कैरो से ईरगांव होते हुए लोहरदगा पहुंचना आसान है. परंतु नंदनी नदी पर बंडा गांव के समीप अधूरा पुलिया लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है.

कहने को तो जिला मुख्यालय लोहरदगा पहुंचने के लिए कई रास्ते हैं. इसमें कैरो से कुडू,कैरो से चट्टी, कैरो से बंडा होते हुए इरगांव, बिराजपुर से इरगांव के रास्ते शामिल है. परंतु कैरो कुडू के रास्ते जिला मुख्यालय की दूरी 33 किमी, चट्टी भंडरा के रास्ते 42 किमी, बंडा इरगाँव के रास्ते 18 किलो मीटर एवं चिप्पो इरगांव रास्ते से 17 किमी की दूरी ग्रामीणों को तय करना पड़ता है. वर्तमान समय मे कुडू, चट्टी का रास्ता बन गया है.

परंतु इस रास्ते से जिला मुख्यालय आने-जाने में ग्रामीणों का समय अधिक तो लगता ही है. खर्च भी ज्यादा होता है. कैरो बंडा के रास्ते दूरी कम है. परंतु बंडा गांव के समीप नंदनी नदी में अधूरा पुलिया के कारण बरसात के दिनों में आना जाना बंद हो जाता है. वहीं बिराजपुर से चिप्पो ईरगांव होते जाने वाली सड़क का जर्जर अवस्था लोगो के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है.

चिप्पो चोगड़े मोड़ से लेकर ईरगांव तक पांच किमी रास्ता की स्थिति बदहाल है. सड़क का कालीकरण कई वर्ष पूर्व किया गया था. जिसके बाद इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी. सड़क पर सिर्फ गिट्टी बिखरा पड़ा है. यहां दो चक्का,चार चक्का सहित पैदल चलने वाले यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यह सड़क नगड़ा, चिप्पो, बंसरी, बरटोली गांव के लोगों का मुख्य सड़क है.

इसी सड़क से लोग रोजाना रांची, लोहरदगा रोजगार के लिए व अपने खेतों में उत्पादित साग सब्जी को ट्रेन के माध्यम से बाजार तक ले जाने का काम करते हैं. सड़क का जर्जर अवस्था के कारण रेलवे स्टेशन तक छोटे बड़े वाहनों में साग सब्जी भी लेकर जाना मुश्किल भरा काम साबित हो रहा है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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