मेदिनीपुर (जीतेश बोरकर/रंजन माइती) : मेदिनीपुर के हेवीवेट नेता शुभेंदु अधिकारी शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये. केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया. पार्टी में शामिल होने के बाद ही श्री अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं उनके भाईपो (भतीजा) अभिषेक बनर्जी पर खुलकर प्रहार किये.
श्री अधिकारी ने अमित शाह के मंच से हुंकार भरी और कहा कि पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंको. तोलाबाज भाईपो को उखाड़ फेंको. भाईपो से उनका आशय ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से था. कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी ने अपने भतीजे को अगला मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी के कद्दावर नेताओं को एक-एक कर किनारे लगा रही हैं.
शुभेंदु अधिकारी ने मेदिनीपुर स्कूल एंड कॉलेज ग्राउंड में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल का विकास करना है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ मजबूत करना होगा. भाजपा के हाथों में राज्य की सत्ता देनी होगी. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने केंद्र की योजनाओं को बंगाल में लागू नहीं होने दिया. इसका नुकसान यहां के किसानों को, गरीबों को और युवाओं को भुगतना पड़ा. बंगाल की अर्थव्यवस्था बदहाल है. इसको पटरी पर लाने के लिए भाजपा की सरकार बनानी ही होगी.
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शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल की जनता कभी भी ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं कर सकती, जो देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री को बाहरी बताते हों. उन्होंने कहा कि हमारे देश में वसुधैव कुटुंबकम की प्रधानता है. हमारे लिए पूरा विश्व एक परिवार है. इसी सिद्धांत के तहत भाजपा ने मुझे खुले दिल से अपनाया है. अमित शाह ने बड़े भाई की तरह मुझे प्यार किया है. मैं उन्हें बहुत पहले से जानता हूं.
श्री अधिकारी ने कहा कि जब वह (अमित शाह) पार्टी के महासचिव हुआ करते थे, तब से उनका परिचय है. लेकिन, अमित शाह या कैलाश विजयवर्गीय, बंगाल भाजपा के नेता सिद्धार्थनाथ ने कभी उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए नहीं कहा. आज जब पानी सिर के ऊपर से गुजर गया है, जब तृणमूल में लोगों का स्वाभिमान खतरे में पड़ गया है, जब स्वार्थी तत्व टीएमसी में हावी हो गये हैं, तो उन्होंने पार्टी छोड़ने का निश्चय किया.
उल्लेखनीय है कि शुभेंदु के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि 10 साल तक लोगों ने सरकारी लाभ लिये और अब जबकि चुनाव करीब आ गये हैं, तो पाला बदल रहे हैं. ऐसे लोगों के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा था कि सिद्धांत कभी नहीं बदलते. जो लोग पहले दिन से तृणमूल से जुड़े हैं, वे अंत तक तृणमूल के साथ ही रहेंगे. कुछ लोगों के पार्टी छोड़ने से पार्टी पर कोई असर नहीं होगा.
Posted By : Mithilesh Jha
