झारखंड में पारा चढ़ते ही बिजली की आंख-मिचौली से बढ़ी परेशानी, जनजीवन प्रभावित

रांची : झारखंड में पारा चढ़ते ही परेशानी शुरू हो गयी है. चापाकल व कुएं जवाब देने लगे हैं और कई नदियां सूखने की कगार पर आ गयी हैं. इस बीच बिजली की आंख-मिचौली से लोगों में आक्रोश है. इससे जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है. बिजली नहीं रहने से न सिर्फ भीषण गर्मी में घर में भी रहना संभव नहीं हो पा रहा है, बल्कि पेयजल की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है. पठन-पाठन समेत बिजली से जुड़े कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं. चतरा, गढ़वा व पलामू समेत राज्य के कई जिलों में अनियमित बिजली आपूर्ति की जा रही है.

रांची : झारखंड में पारा चढ़ते ही परेशानी शुरू हो गयी है. चापाकल व कुएं जवाब देने लगे हैं और कई नदियां सूखने की कगार पर आ गयी हैं. इस बीच बिजली की आंख-मिचौली से लोगों में आक्रोश है. इससे जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है. बिजली नहीं रहने से न सिर्फ भीषण गर्मी में घर में भी रहना संभव नहीं हो पा रहा है, बल्कि पेयजल की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है. पठन-पाठन समेत बिजली से जुड़े कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं. चतरा, गढ़वा व पलामू समेत राज्य के कई जिलों में अनियमित बिजली आपूर्ति की जा रही है.

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चतरा जिले में भी भीषण गर्मी, बिजली की आंख मिचौली से लोग परेशान

चतरा जिले में लगातार चार दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है. तेज धूप व गर्म हवा ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. रविवार को जिले में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. भीषण गर्मी की वजह से लोगों को घर में भी राहत नहीं मिल रही है. अचानक तापमान में आये बदलाव की वजह से लोग ही नहीं पशु-पक्षी भी परेशान हैं. बिजली की आंख मिचौली ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है. गर्मी से राहत पाने के लिए लोग रात में घर की छत पर या बाहर पेड़ के नीचे सो रहे हैं. एक सप्ताह पहले तक ऐसा महसूस हो रहा था, जैसे इस बार भीषण गर्मी नहीं पड़ेगी.

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इटखोरी का तापमान 42 डिग्री पहुंचा

इटखोरी प्रखंड में पिछले दो दिनों से गर्मी का असर बढ़ गया है. भीषण गर्मी की वजह से घर में भी रहना मुश्किल हो गया है. रविवार को इटखोरी का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. दिनभर लोग गर्मी से बेहाल दिखे. इधर, गर्मी बढ़ते ही घड़ा व सुराही की मांग बढ़ गयी है. गर्मी से राहत पाने के लिए लोग सत्तू व आम के शरबत का उपयोग कर रहे हैं.

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गढ़वा में भीषण गर्मी में भी बिजली की आंख मिचौली, लोगों में आक्रोश

गढ़वा शहर सहित पूरे जिले में अनियमित बिजली आपूर्ति की वजह से लोग परेशान हैं. प्रत्येक साल बिजली की स्थिति सुधार दिये जाने का आश्वासन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की ओर से दिया जाता है. लोग अब इस झूठे वायदे से भी परेशान हो गये हैं. गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित शहरी क्षेत्र को दिन व रात मिला कर मुश्किल से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही हैं. भीषण गर्मी और ऊपर से बिजली कटौती होने की वजह से न तो दिन में लोगों को चैन है और ना ही रात में सुकून. बीते शनिवार की रात को 12 घंटे में पांच घंटे भी बिजली की आपूर्ति नहीं की गयी. आक्रोशित लोगों ने बिजली विभाग को फोन कर तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जनप्रतिनिधियों व विभाग के अधिकारियों को जम कर कोसा. बिजली नहीं रहने का असर पेयजल पर भी पड़ रहा हैं. गढ़वा की बड़ी आबादी सामूहिक प्रयास या सरकारी डीपबोरिंग से पानी की आपूर्ति पर निर्भर है. गढ़वा को हटिया ग्रिड से जोड़ने की बात करीब 10 सालों से की जा रही है. अब तक आश्वासन ही मिला है. वर्तमान में गढ़वा जिले के लोग बिजली के लिए यूपी के रिहंद तथा बिहार के सोननगर पर निर्भर हैं. विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता धनंजय कुमार ने कहा कि जिले में बिजली की न्यूनतम जरूरत 32 मेगावाट है, लेकिन अभी यहां मात्र 12 मेगावाट ही बिजली मिल रही है. इस कारण पावर कट करना पड़ रहा है.

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मोहम्मदगंज में तापमान 44 डिग्री, 10 बजे तक सड़कों पर सन्नाटा

गढ़वा जिले के मोहम्मदगंज में गर्मी का तेवर चरम पर है. तीन दिनों से दिन का तापमान 44 डिग्री पहुंच जा रहा है. तापमान बढ़ने से सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है. लॉकडाउन में छूट के कारण मोहम्मदगंज स्टेशन रोड में होटल खुल गये हैं. पहले से किराना, फल व सब्जी की दुकानें लॉकडाउन में खुली थीं. इस बार की छूट में होटल एवं हार्डवेयर की दुकानें खुली हैं. हालांकि यहां पांच से छह छोटे-बड़े होटल हैं, जिसमें अब तक मात्र एक ही होटल खुला है. इससे सोशल डिस्टेंसिंग का खतरा बढ़ा है. गर्मी से अफरा-तफरी व लॉकडाउन के माहौल में बाजारों में सन्नाटा पसरा है.

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Author: Panchayatnama

Published by: Prabhat Khabar

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