Bhadrapadaa Ambaji Fair 2023: लगने वाला है भाद्रपद अंबाजी मेला, प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर से जुड़ा है इसका इतिहास

Bhadrapadaa Ambaji Fair 2023: भाद्रपद अंबाजी मेला मां अंबा जो नारी शक्ति का प्रतिक है उन्का प्रतिनिधित्व करता है. इस महामेले में देश के तकरीबन 20 लाख श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए उमड़े पड़ेंगे. उल्लेखनीय है कि अंबाजी मंदिर में किसी देवी की मूर्ति पूजा नहीं परन्तु वीसायंत्र की पूजा की जाती है.

Bhadrapadaa Ambaji Fair 2023: भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात के बनासकांठा में लगने वाला भाद्रपद अंबाजी मेला एक बहुसांस्कृतिक मेला है जहां न केवल हिंदू बल्कि सभी धर्मों के लोग सक्रिय रुप भाह लेते हैं. यह मेला मां अंबा जो नारी शक्ति का प्रतिक है उन्का प्रतिनिधित्व करता है. इस महामेले में देश के तकरीबन 20 लाख श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए उमड़े पड़ेंगे. उल्लेखनीय है कि अंबाजी मंदिर में किसी देवी की मूर्ति पूजा नहीं परन्तु वीसायंत्र की पूजा की जाती है. आपको बता दें इस साल ये मेला 29 सितंबर को लगने जा रहा है.

इस मेले में आए लोग आसपास की जगह पर धूमने जाते है. तो कुछ सप्तशती के पाठ में शामिल हुआ करते है. मंदिर के आसपास दुकानों और स्टॉलों पर आपको बांस के लेख, ताबीज,मूर्तियां,चित्र,खिलौने, और खाने-पीने के सामान की बिक्री की जाती है. हर महीने की पूर्णिमा के दिन कोई ना कोई प्रोग्राम आयोजित किया जाता है. जैसे की गरबा ,भवाई लोकनाटक और लोकगीत भी गाए जाते हैं.

अंबाजी मेले और विश्व प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर का इतिहास

गुजरात का विश्व प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर देश के इक्यावन शक्तिपीठों में अग्रगण्य है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस मंदिर में देवी सती का हृदय गिरा था. इसका उल्लेख ‘तंत्र-चूड़ामणि’ ग्रंथ में भी मिलता है. सामान्य मंदिरों के विपरीत इस मंदिर गर्भगृह में देवी की कोई प्रतिमा स्थापित नहीं है. इस मंदिर में देवी की प्रतिमा के स्थान पर हिन्दुओं के पवित्र श्रीयंत्र का पूजन होता है. इस यंत्र को भी श्रद्धालु प्रत्यक्ष तौर पर सीधी आंखों से नहीं देख सकते हैं. यहाँ रोपवे की सवारी, माताजी के झूले, गुफा और सूर्यास्त बिंदु का दृश्य बहुत सुन्दर आनंद दायक दृश्य है.

यहां इसका फोटो खींचना भी वर्जित है. यहां के पुजारी इस श्रीयंत्र का श्रृंगार इतना अद्भुत ढंग से करते हैं कि श्रद्धालुओं को प्रतीत होता है कि मां अंबाजी यहां साक्षात विराजमान हैं. इसके समीप ही पवित्र अखण्ड ज्योति जलती है, जिसके बारे में कहते हैं कि यह कभी नहीं बुझी.

अंबाजी मंदिर की पौराणिक कथा

ऐसा कहा जाता है की इस जगह भगवन श्रो कृष्ण का मुंडन संस्कार हुआ था. दूसरी और भगवान श्री राम शक्ति उपासना के लिए यहाँ ठहरे थे. और जब रावण ने सीता माता का हरण करलिया तब माता की खोज में अम्बाजी और आबू के जंगलो में आये थे. तब श्रृंगी ने उन्हें अम्बाजी की पूजा अर्चना करने को कहा गया था. देवी ने उन्हें एक अजय तीर दिया जिनसे भगवान राम ने रावणका वध किया था.महाभारत के लिए यह दंतकथा प्रचलित है. की पांडवों ने अपने वनवास के दौरान अंबाजी माता की पूजा की .

इसलिए माता ने भीमसेन को अजयमाला दी. जिनसे युद्ध में पांडवो को विजय दिलाने में बहुत मदद की थी .दूसरी और अर्जुन को विराट के राज्य में छिपते हुए अज्ञातवास के वर्ष में बृहनाल के रूप में भेस के लिए दिव्य वेशभूषा दी थी . श्री कृष्णा की पत्नी रुक्मणि ने अपने पति भगवान कृष्णा को पाने के लिए माँ अम्बा की पूजा की थी. पुरे ब्रह्माण्ड में देवी शक्ति सर्वोच्च ब्रह्मांडीय शक्ति का उपनाम कहाजाता है. माता की शक्ति बुराई पर हमेशा हावी हुआ करती है. ऐसा कहा जाता है. की यह मंदिर माता रानी के दिल का प्रतिक है.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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