Gorakhpur : गिराई जाएंगी पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौराहे तक की दुकानें , 19 आवंटियों को नोटिस

वर्ष 1992 में कैंट थाना क्षेत्र के चारु चंद्रपुरी गेट तक नगर निगम की कई दुकाने हैं. जिसमें 18 अवंटियों को भूतल पर दुकानें आवंटित की गई हैं. एक को छत पर दुकान आवंटित है. सभी को नोटिस मिलने के 7 दिन के भीतर दुकानों को खाली करने को कहा गया है.

गोरखपुर: गोरखपुर के कैंट थाने के पास नगर निगम की 19 दुकानों पर बुलडोजर चलेगा. पैडले���ंज चौराहे से फिराक गोरखपुरी चौराहे तक कसया रोड चौड़ीकरण के लिए इन दुकानों को गिराया जाएगा. नगर निगम ने दुकानों को खाली करने के लिए आवंटियों को नोटिस जारी कर दिया है. नोटिस में दी गई अवधि में दुकानों को खाली न करने पर गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.इसको लेकर नगर निगम ने एनाउंसमेंट कर दुकानदारों को हिदायत भी दे दी है.

वर्ष 1992 में कैंट थाना क्षेत्र के चारु चंद्रपुरी गेट तक  नगर निगम की कई दुकाने है. जिसमें 18 अवंटियों को भूतल पर दुकानें आवंटित की गई हैं.जबकि एक को छत पर दुकान आवंटित किया गया है. नोटिस मिलने के 7 दिन के भीतर दुकानों को खाली करने को कहा गया है. अगर इसके बाद भी दुकानों को खाली नहीं किया गया तो उसे गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी. नगर निगम द्वारा जारी नोटिस में 11 सितंबर की तारीख है जिस के मुताबिक 18 सितंबर को एक सप्ताह की अवधि पूरी हो जाएगी. इसके बाद भी अगर दुकानदारों ने दुकानों को खाली नहीं किया. तो नगर निगम द्वारा दुकानों को गिराने की कार्यवाही की जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी आवंटी की होगी.

दुकानों के पीछे जमीन उपलब्ध कराने की मांग

नगर निगम द्वारा 19 दुकानों पर बुलडोजर चलाए जाने के निर्णय से अवंटियों में हड़कंप की स्थिति बन गई है.अवंटियों ने नगर निगम के इस निर्णय को लेकर योगी आदित्यनाथ से मिलकर गुहार लगाने का निर्णय लिया है. उन्होंने पत्र लिख कर मांग की है की दुकानों के पीछे ही नगर निगम की 5000 वर्ग फीट जमीन उपलब्ध है .उसी जमीन पर निगम द्वारा दुकान बनाकर अवंटियों को दुकान उपलब्ध कराया जाए.जिससे उनका जीवन यापन चल सके. वहां के दुकानदारों की माने तो 1992 में नगर निगम ने दुकानों का आवंटन किया था.अब उन्हें नगर निगम द्वारा दुकान खाली करने का नोटिस दिया गया है. नगर निगम द्वारा 7 दिन के भीतर दुकान खाली करने को कहा गया है. अगर हम लोगों की दुकाने तोड़ दी जाएंगी तो हम लोग रोजी-रोटी के लिए मोहताज हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि नगर निगम की 5000 वर्ग फीट की खाली जमीन हम लोगों की दुकान के ठीक पीछे है. अगर नगर निगम दुकान नहीं बनवा सकता है तो अवंटी खुद निर्माण करने को तैयार है.नियम अनुसार जो भी शुल्क होगा उसे दुकानदारों द्वारा दिया जाएगा.

सड़क चौड़ीकरण में नगर निगम की ये 19 दुकानें आ रही थी. जिसके बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा दिए गए पत्र के आधार पर सभी 19 दुकान के अवंटियों को दुकान खाली करने के लिए नोटिस दे दिया गया है. उन्हें 7 दिन का समय दिया गया हैं. जो दुकान खाली करने के लिए पर्याप्त है. वहीं नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों में इतना खौफ बन गया है कि उन्होंने दुकानों को खुद तोड़वाना शुरू कर दिया है.

दुर्गेश मिश्रा , अपर नगर आयुक्त

उत्सव ट्रैवल के संचालक वासुकी नाथ वैश्य ने बताया की दुकानों को खाली कराने में नगर निगम एग्रीमेंट का उल्लंघन कर रहा है. एग्रीमेंट के मुताबिक दुकान खाली करने के लिए कम से कम एक माह का समय मिलना चाहिए.लेकिन नगर निगम द्वारा 11 सितंबर को दी गई नोटिस में दुकान खाली करने के लिए 7 दिन का ही समय दिया गया है. जो नगर निगम द्वारा किए गए एग्रीमेंट का उल्लंघन है.

रिपोर्ट : कुमार प्रदीप

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