गिरिडीह के जमुआ में पांच करोड़ की लूट, पटना से कोलकाता पहुंचायी जा रही थी राशि

मयूर सिंह का कहना है कि वह गुजरात में एक टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत है. उसकी पहचान गोविंद सिंह सोलंकी नामक व्यक्ति से हुई. उसने अच्छा काम दिलाने का भरोसा दिलाया

जमुआ थाना क्षेत्र के बाटी में नकद पांच करोड़ रुपये लूट की घटना हुई है. रकम एक एसयूवी मेें बॉक्स बनाकर रखी गयी थी और उसे पटना से कोलकाता ले जाया जा रहा था. घटना 21 जून की देर रात की है. इस संबंध में गुजरात निवासी मयूर सिंह ने प्राथमिकी दर्ज करायी है. मामले की गोपनीय तरीके से जांच की गयी, लेकिन गुत्थी अब तक नहीं सुलझी है. आयकर विभाग को सूचना दी गयी है. पुलिस को प्रथमदृष्टया हवाला कारोबार का मामला लग रहा है.

मयूर सिंह का कहना है कि वह गुजरात में एक टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत है. उसकी पहचान गोविंद सिंह सोलंकी नामक व्यक्ति से हुई. उसने अच्छा काम दिलाने का भरोसा दिलाया. बाद में गोविंद सिंह ने उसे गुजरात से दिल्ली और फिर दिल्ली से कानपुर जाने को कहा. वह कानपुर पहुंचा, तो वहां करण भाई नामक व्यक्ति ने उसे रिसीव किया. तीन दिन वहां रुकने के बाद उसकी मुलाकात गुजरात के ही जगत सिंह जडेजा उर्फ जगत भाई से करवायी गयी.

जगत सिंह उसे क्रेटा (आरजे 45 सीयू /9964) में बैठा कर पटना लाया. यहां उसे बताया गया कि इसी क्रेटा वाहन से पांच करोड़ रुपया पटना से कोलकाता ले जाना है. पटना की डीवाइ कंपनी से पांच करोड़ रुपये कैश लेकर गाड़ी के अंदर बने एक बॉक्स में डाल दिया गया. वे लोग कोलकाता के लिए 20 जून की रात लगभग 8-9 बजे रवाना हुए.

गाड़ी मयूर सिंह चला रहा था. मयूर सिंह और जगत सिंह 21 जून की रात लगभग 1:30 बजे जमुआ में टिकामगहा गांव के पास स्थित एक पेट्रोल पंप में रुके और तेल भरवाया. यहां से आगे बढ़े ही थे कि बाटी गांव के पास एक स्कॉर्पियो ने ओवरटेक कर गाड़ी रुकवायी. स्कॉर्पियो से पांच लोग उतरे और क्रेटा का दरवाजा खुलवाया और चाबी ले ली. दोनों को उतार कर अपराधी क्रेटा कार लेकर चलते बने. सुबह पांच बजे सड़क पर दोनों को एक होटल के पास अपनी क्रेटा कार दिखी. कार के फर्श के निचले हिस्से में बने बॉक्स को तोड़ कर पूरी राशि गायब कर दी गयी थी.

जहां से रकम लेने की बात, वहां लटका मिला ताला

मयूर के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है. पटना की डीवाइ कंपनी का जिक्र मयूर ने किया है, लेकिन बताये पते पर पुलिस ने ऐसा कोई बोर्ड नहीं पाया. मयूर की निशानदेही पर पुलिस एक घर तक पहुंची, जिसे डीवाइ कंपनी का दफ्तर बताया गया था, लेकिन घर के कमरे में ताला लटका रहने के कारण जांच नहीं हो सकी.

गुजरात के मयूर सिंह के लिखित आवेदन पर पांच करोड़ की लूटपाट की प्राथमिकी दर्ज की गयी है. रकम बड़ी है, इसलिए खोरीमहुआ के एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो के नेतृत्व में एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम गठित की गयी है.-

अमित रेणु, एसपी

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