मेरठः फर्जी दस्तावेज के साथ चार बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, भेजे गए जेल

मेरठः यूपी के मेरठ में चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया. एटीएस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रहने वाले चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार फर्जी आधार कार्ड, पांच एटीएम समेत दो पैन कार्ड, दो बैंक पासबुक, चार चेक बुक मिला है.

मेरठः यूपी के मेरठ में चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया. एटीएस ने फर्जी दस्तावेजो�� के आधार पर भारतीय नागरिक बनकर रहने वाले चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार फर्जी आधार कार्ड, पांच एटीएम, दो पैन कार्ड, दो बैंक पासबुक, चार चेक बुक, एक कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र मिला है.

मेरठ में पकड़े गए बांग्लादेशी

पूरा मामला थाना खरखौदा का है. जहां पुलिस द्वारा पकड़े गए चार बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ साजिश, धोखाधड़ी, दस्तावेजों में हेराफेरी समेत विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने सभी को अदालत में पेश किया. जिसके बाद सभी को जेल भेजा गया. एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि मुखबिर से थाना खरखौदा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों के रहने की सूचना मिली थी. जिसके बाद छापेमारी की गई.

पुलिस कर रही जांच

एसएसपी ने बताया सूचना के आधार पर एटीएस ने सभी बांग्लादेशो नागरिकों को गिरफ्तार किया. आरोपी थाना खरखौदा के ग्राम धीरखेडा में स्थित जूतों की फैक्ट्री में काम करते थे. फिलहाल पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है.

ग्रेटर नोएडा में तीन महिला समेत 16 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

बता दें ग्रेटर नोएडा में हाल ही में तीन महिला समेत 16 विदेशी नागरिकों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. ये सभी गिरफ्तार नागरिक दक्षिण अफ्रीकी मूल के रहने वाले थे. पुलिस के अनुसार ये लोग वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में अवैध रूप से रह रहे थे और कुछ लोगों के पास वीजा पासपोर्ट भी नहीं मिला है. ये सभी नागरिक कासा ग्रैंड सोसाइटी में अवैध रूप से रह रहे थे. गिरफ्तारी के बाद अफ्रीकी मूल की तीन महिलाओं समेत 16 लोगों को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया.

Also Read: मेरठ पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप में सरधना के सपा विधायक अतुल प्रधान सहित 15 पर केस, स्पीकर तक शिकायत

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार नोएडा के कासा ग्रांड टॉवर में रह रहे विदेशी नागरिकों का पासपोर्ट और वीजा चेक किया गया. ये सभी वैध पासपोर्ट नहीं दिखा पाए. 15 दिनों के भीतर दो बार पुलिस ने ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था. 450 करोड़ की ड्रग्स के साथ दोनों बार 12 विदेशी नागरिक पकड़े गए थे. इसलिए विदेशी नागरिकों के सत्यापन अभियान चलाने का फैसला लिया गया. बीटा-2 पुलिस और एलआईयू के संयुक्त चेकिंग अभियान में पकड़े गए विदेशी नागरिकों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shweta pandey

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >