बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत किसी भी मुद्दे पर अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटती. कंगना अक्सर अपने बयान को लेकर मुश्किल में पड़ जाती है. एक्ट्रेस एक बार फिर से मुसीबत में फंस गई है. किसानों के विरोध को खालिस्तानी आंदोलन के रूप में बताने और उन्हें ‘खालिस्तानी’ कहने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है.
कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर मुंबई में दर्ज की गई है और यह दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा उनके खिलाफ शिकायत देने के एक दिन बाद आया है. एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि अभिनेत्री के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295ए के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है.
दरअसल, कंगना रनौत ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर लिखा था, खालिस्तानी आतंकवादी आज भले ही सरकार का हाथ मरोड़ रहे हों… लेकिन उस महिला को मत भूलना… एकमात्र महिला प्रधानमंत्री ने इनको अपनी जूती के नीच क्रश किया था… उसने इस देश को कितनी भी तकलीफ दी हो… उसने अपनी जान की कीमत पर उन्हें मच्छरों की तरह कुचल दिया… लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने दिए… उनकी मृत्यु के दशक के बाद भी… आज भी उसके नाम से कांपते हैं ये… इनको वैसा ही गुरु चाहिए.’
बता दें कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बीते दिन कंगना पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि कंगना को या तो जेल में डाल दिया जाना चाहिए या मानसिक अस्पताल में डाल दिया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि कंगना रनौत इससे पहले भी कई बार लोगों का विरोध और सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुकी है. कुछ समय पहले एक्ट्रेस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वो कहती दिखी थी कि ‘1947 में आजादी नहीं, बल्कि भीख मिली थी और जो आजादी मिली है वह 2014 में मिली. इस बयान की वजह से उन्हें लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी थी.
