धनबाद: कोर्ट फीस स्टांप की किल्लत, नहीं निकल पा रही सर्टिफाइड कॉपी, परेशान हैं अधिवक्ता

धनबाद के अधिवक्ता कोर्ट फीस स्टांप की कमी से जूझ रहे हैं. इस कारण समय पर सर्टिफाइड कॉपी नहीं निकल पा रही है.

धनबाद: धनबाद सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं इन दिनों कोर्ट फीस स्टांप की कमी से जूझ रहे हैं. इस वजह से उन्हें न्यायिक कार्यों का निष्पादन करने में काफी परेशानी हो रही है. कोर्ट फीस स्टांप नहीं मिलने से समय पर सर्टिफाइड कॉपी नहीं निकल पा रही है. इससे जेल में बंद कैदियों की जमानत अर्जी भी अदालतों में दाखिल नहीं हो पा रही है.

ट्रेजरी में भी उपलब्ध नहीं है कोर्ट फीस स्टांप

धनबाद में कोर्ट फीस स्टांप की बिक्री करने के लिए आरटी राठौर, एके पंजा, निर्मल सिंह को लाइसेंस जारी किया गया है. कोर्ट फीस स्टांप की कमी के बारे में जब एक वेंडर से पूछताछ की गयी तो उन्होंने बताया कि समय पर कोर्ट फीस स्टांप की निकासी के लिए ऑनलाइन चालान भर दिया जाता है, लेकिन कोषागार में कोर्ट फीस स्टांप उपलब्ध नहीं है. जब कोषागार के बड़ा बाबू से इस संबंध में मोबाइल से जानकारी ली गयी, तो उन्होंने बताया कि 5000 शीट कोर्ट फीस स्टांप के लिए रिक्यूजिशन डीसी धनबाद के माध्यम से आइजी रजिस्ट्रेशन, रांची को भेजा गया है. एक और दो रुपये का कोर्ट फीस स्टांप वेंडरों को दिया गया है. 15 दिनों के अंदर पांच रुपये का स्टांप भी आ जायेगा.

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किल्लत की ये है वजह

सरकारी अधिवक्ता सह धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार सहाय ने भी कोर्ट फीस स्टांप की किल्लत को लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार, रांची से बात की, तो उन्होंने कहा कि कोर्ट फीस स्टांप की कोई कमी नहीं है. धनबाद के रिक्विजिशन पर रांची कार्यालय ने लिखा कि धनबाद कोषागार की डिमांड 1000 शीट की है. उसकी जगह पर 300 शीट देने का आदेश दिया है. जब धनबाद के कोषागार कर्मी कोर्ट फीस स्टांप लेने रांची कोषागार पहुंचे, तो कहा गया कि यहां एक भी कोर्ट फीस स्टांप नहीं है.

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By Prabhat khabar news desk

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