Corona Free Village In Jharkhand : झारखंड के हजारीबाग में NH-33 के किनारे है एक गांव बोचो, जहां कोरोना की दूसरी लहर से कोई नहीं हुआ प्रभावित, पढ़िए कैसे सुरक्षित रहे लोग

Corona Free Village In Jharkhand, हजारीबाग न्यूज (शंकर प्रसाद) : झारखंड के हजारीबाग सदर प्रखंड की भेलवारा पंचायत अंतर्गत बोचो गांव के किसी भी व्यक्ति को कोरोना की दूसरी लहर नहीं छू सकी. इस गांव का एक भी व्यक्ति कोरोना वायरस का शिकार नहीं हुआ. यहां तक कि कोई भी व्यक्ति हॉस्पिटल तक नहीं गया. हालांकि इस गांव के कई लोगो को सर्दी, जुकाम व बुखार हुआ है. सभी लोगों ने घरेलू नुस्खे व डॉक्टर के परामर्श लेकर दवा ली. दूध में हल्दी डालकर सेवन किया. देसी घी, अदरख, तुलसी पत्ते, अजवाइन का सेवन कर सभी ठीक हो गए.

Corona Free Village In Jharkhand, हजारीबाग न्यूज (शंकर प्रसाद) : झारखंड के हजारीबाग सदर प्रखंड की भेलवारा पंचायत अंतर्गत बोचो गांव के किसी भी व्यक्ति को कोरोना की दूसरी लहर नहीं छू सकी. इस गांव का एक भी व्यक्ति कोरोना वायरस का शिकार नहीं हुआ. यहां तक कि कोई भी व्यक्ति हॉस्पिटल तक नहीं गया. हालांकि इस गांव के कई लोगो को सर्दी, जुकाम व बुखार हुआ है. सभी लोगों ने घरेलू नुस्खे व डॉक्टर के परामर्श लेकर दवा ली. दूध में हल्दी डालकर सेवन किया. देसी घी, अदरख, तुलसी पत्ते, अजवाइन का सेवन कर सभी ठीक हो गए.

बोचो के ग्रामीणों को जैसे ही समाचार पत्र, टीवी से कोरोना महामारी के दूसरे वेव आने की जानकारी हुई वैसे ही सभी लोग सतर्क हो गए. कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करना शुरू कर दिया. सभी ग्रामीणों ने सामाजिक दूरी का पालन किया. फेस मास्क लगाकर रहे और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने लगे. जिसका परिणाम यह हुआ कि इस गांव के कोई ग्रामीण कोरोना महामारी के चपेट में नहीं आया.

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प्रसिद्ध बास्केट बॉल प्लेयर निधि कुमारी बोचो गांव की रहनेवाली है. उसने बताया कि मेरे गांव के सभी लोग जागरूक हैं. जिसके कारण कोई कोरोना महामारी की चपेट में नहीं आया. कोरोना महामारी आने की जानकारी मिलते ही इस गांव के बुजुर्ग, नवयुवक, नवयुवती व महिला पुरुषों ने आपस में बातचीत कर कोविड-19 की गाइडलाइन के पालन करने का निर्णय लिया. साथ ही साथ पारंपरिक व पौष्टिक भोजन लेने लगे. जिसके कारण सभी लोग कोविड-19 से बच गए. निधि कुमारी ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय से बास्केट बॉल का प्रतिनिधत्व कई अंतर विश्वविद्यालय मैच में किया है. उसने झारखंड से नेशनल बास्केट बॉल टूर्नामेंट में प्रतिनिधित्व किया है.

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बोचो गांव के सीमेंट व्यवसायी जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस गांव के अधिकतर किसान और प्राइवेट बिजली मिस्त्री हैं. गांव के लगभग 95 प्रतिशत लोग शिक्षित हैं. कई लोग नौकरी पेशा में हैं, जो लोग अन्य दूसरी जगह से आते थे उन्हें कोविड-19 गाइडलाइन को पालन करने की सलाह इस गांव के युवक युवतियों ने दिया.

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शहर से यह गांव महज छह किमी की दूरी पर स्थित है. बोचो गांव पहाड़ी से सटा हुआ है. राष्ट्रीय उच्च पथ 33 से डेढ़ किमी की दूरी पर 100 घर का यह गांव है. इस गांव में 550 वोटर हैं. यहां की कुल जनसंख्या लगभग 1000 है. गांव में कोई सरकारी स्कूल नहीं है. सिर्फ एक आंगनबाड़ी केंद्र चलता है. ग्रामीणों का कहना है कि आपसी सामंजस्य के कारण यहां लोग सुरक्षित हैं.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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