छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बीजेपी को बड़ी राहत- रमन सिंह व संबित पात्रा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का आदेश

न्यायालय ने बुधवार को यह फैसला सुनाते हुए माना कि दोनों नेताओं के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है. अधिवक्ता ने बताया कि 18 मई 2021 को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट में कांग्रेस के खिलाफ कथित टूलकिट पोस्ट किया था और ऐसी ही पोस्ट संबित पात्रा ने भी की थी.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले भूपेश बघेल सरकार को तगड़ा झटका लगा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ी राहत मिली है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने टूलकिट मामले में बुधवार (20 सितंबर) को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का आदेश दिया है. बीजेपी नेताओं के अधिवक्ता विवेक शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश की युगल पीठ ने टूलकिट मामले में सिंह और पात्रा को राहत दे दी है. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीजेपी के दोनों नेताओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का आदेश सुनाया है.

12 सितंबर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था फैसला

विवेक शर्मा ने बताया कि 12 सितंबर को सुनवाई के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. न्यायालय ने बुधवार को यह फैसला सुनाते हुए माना कि दोनों नेताओं के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है. अधिवक्ता ने बताया कि 18 मई 2021 को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट में कांग्रेस के खिलाफ कथित टूलकिट पोस्ट किया था और ऐसी ही पोस्ट संबित पात्रा ने भी की थी.

कांग्रेस की युवाई इकाई ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी

उन्होंने बताया कि इस पोस्ट पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस की युवा इकाई ने सिंह और पात्रा के खिलाफ 19 मई 2021 को रायपुर के आजाद चौक पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, दोनों नेताओं ने न्यायालय में प्राथमिकी रद्द करने की याचिका दायर की थी. उन्होंने बताया कि मामले में न्यायालय ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद दोनों नेताओं को अंतरिम राहत देते हुए पुलिस की जांच और कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश एन के चंद्रवंशी की युगल पीठ के समक्ष 12 सितंबर 2023 को मामले में अंतिम सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.

रमन सिंह और संबित पात्रा पर नहीं बनता कोई आपराधिक प्रकरण

अधिवक्ता ने बताया कि बीजेपी नेताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और विवेक शर्मा ने पैरवी की थी. शर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय ने दोनों नेताओं की याचिका को स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का आदेश सुनाया है. न्यायालय ने कहा है कि इस मामले में दोनों के खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण नहीं बनता है.

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