पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और अर्जुन मुंडा के जन्मदिन पर भाजपा ने ऐसे दी शुभकामना

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और अर्जुन मुंडा के जन्मदिन पर भाजपा ने ऐसे दी शुभकामना. रांची : झारखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का रविवार (3 मई, 2020) को जन्मदिन है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इन दोनों मुख्यमंत्रियों को पार्टी ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं. पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके अर्जुन मुंडा और रघुवर दास को जन्मदिन पर बधाई दी है. रघुवर दास को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं.

रांची : झारखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का रविवार (3 मई, 2020) को जन्मदिन है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इन दोनों मुख्यमंत्रियों को पार्टी ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं. पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके अर्जुन मुंडा और रघुवर दास को जन्मदिन पर बधाई दी है. रघुवर दास को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर कहा है, ‘झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, आपके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं.’

रघुवर दास पहली बार 1995 में भाजपा की टिकट पर जमशेदपुर (पूर्व) से चुनाव लड़े और जीत दर्ज की. टाटा स्‍टील के कर्मचारी से झारखंड का मुख्‍यमंत्री बनने तक का रघुवर दास का सियासी सफर बेहद दिलचस्‍प रहा.

रघुवर दास मूल रूप से छत्‍तीसगढ़ के हैं, लेकिन उनका जन्‍म 3 मई, 1955 को जमशेदपुर में हुआ. झारखंड उनकी जन्मभूमि व कर्मभूमि दोनों है. चार बार विधायक रह चुके रघुवर दास 30 दिसंबर, 2009 से 29 मई, 2010 तक उप-मुख्‍यमंत्री रहे. एनडीए की झारखंड में बनी कई सरकारों में वह मंत्री रहे. रघुवर दास को अमित शाह की टीम का हिस्‍सा माना जाता है.

बतौर भाजपा संगठनकर्ता वे कई प्रदेशों में उन्होंने भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभायी, लेकिन हालिया चुनाव में मुख्यमंत्री रहते वे न केवल चुनाव हारे, बल्कि भाजपा भी सत्ता बचाने में नाकाम रही. रघुवर दास भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं, लेकिन उनका आरएसएस या अन्‍य सहयोगी संगठनों से कोई सीधा संबंध नहीं है.

श्री दास 1974 के छात्र आंदोलन के समय समाजवादी छात्र संगठनों के संपर्क में रहे. उसके बाद भाजपा का दामन थामने के बाद पार्टी ने उन्‍हें कई जिम्‍मेवारियां दी, जिसको उन्‍होंने बखूबी निभाया. रघुवर दास का विवादों से भी नाता रहा. झारखंड विधानसभा की एक समिति ने अपनी जांच में माना था कि श्री दास ने अपने पद का इस्‍तेमाल करते हुए एक प्राइवेट फर्म को लाभ पहुंचाने की कोशिश की.

उस वक्‍त अर्जुन मुंडा सरकार में रघुवर दास शहरी विकास मंत्री थे. झारखंड की राजनीति में एक धारणा को हमेशा बल मिला कि यहां का सीएम कोई आदिवासी ही होगा. इस मिथक को तोड़ते हुए रघुवर दास प्रदेश के न केवल मुख्यमंत्री बने, बल्कि 5 साल का कार्यकाल पूरा करने का रिकॉर्ड भी बनाया.

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By Mithilesh Jha

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