पश्चिम बंगाल: टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या के बाद बीरभूम एसपी का हुआ ट्रांसफर, भास्कर मुखर्जी बनाए गए नए एसपी

मुख्यमंत्री के बीरभूम से रवाना होने के बाद ही शनिवार देर रात माड़ग्राम में बमबाजी की घटना में एक तृणमूल कार्यकर्ता की मौत हो गई थी. स्थानीय पंचायत प्रधान के भाई के बम से हमला में घायल होने की घटना के बाद उसे गंभीर हालत में कोलकाता रेफर किया गया था. अब उसकी भी मौत हो गयी है.

बीरभूम (पश्चिम बंगाल), मुकेश तिवारी. बीरभूम जिले के माड़ग्राम में तृणमूल कार्यकर्ता की बम मारकर हुई हत्या और पंचायत प्रधान के भाई की बम के प्रहार में गंभीर रूप से घायल होने की घटना के प्रकाश में आने के बाद से रविवार को ही बीरभूम जिला पुलिस अधीक्षक नागेंद्र नाथ त्रिपाठी का ट्रांसफर कर दिया गया है. नए एसपी के रूप में भास्कर मुखोपाध्याय को नियुक्त किया गया है. अचानक इस परिवर्तन को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है. बताया जाता है कि हाल ही में 30 जनवरी को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीरभूम के दौरे पर आई थीं और 3 दिन जिले में ही रहकर पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से भेंट कर आगामी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारी में जुटी हुई थीं.

ट्रांसफर पर सियासत तेज

मुख्यमंत्री के बीरभूम से रवाना होने के बाद ही शनिवार देर रात माड़ग्राम में बमबाजी की घटना में एक तृणमूल कार्यकर्ता की मौत हो गई थी तथा स्थानीय पंचायत प्रधान के भाई की बम से हमला में घायल होने की घटना के बाद उसे गंभीर हालत में कोलकाता रेफर किया गया था. अब उसकी भी मौत हो गयी है. इस घटना के प्रकाश में आने के बाद से ही जिला पुलिस अधीक्षक को अचानक उनके पद से हटा दिया गया और उनका ट्रांसफर कर दिया गया. एसपी के रूप में भास्कर मुखोपाध्याय को नियुक्त किया गया है. विरोधी पक्ष के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीरभूम जिले का दायित्व ली हैं. उन्होंने भाजपा को चैलेंज किया है, लेकिन तृणमूल के गुटीय कलह में उनके ही समर्थक की मौत से शासक दल तिलमिला गया है. इस घटना के बाद अचानक बीरभूम जिला एसपी को बदल दिया गया. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसे सामान्य ट्रांसफर बताया जा रहा है.

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सेंट्रल फोर्स की हो तैनाती

जिला भाजपा पार्टी अध्यक्ष ध्रुव साहा का कहना है कि जब मुख्यमंत्री ही पुलिस की कर्ता है तो जब चाहें, जिसे चाहें, बदल सकती हैं. वैसे भी राज्य में शासक दल का तानाशाही रवैया जारी है. हम लगातार बोलते आ रहे हैं कि बीरभूम बम और बारूद के ढेर पर खड़ा है. इसका जीता जागता सबूत देखा गया. भाजपा के नेता ने आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए केंद्रीय वाहिनी तैनाती की मांग की है ताकि केंद्रीय वाहिनी के नेतृत्व में ही पंचायत चुनाव कराया जाए. भाजपा पार्टी अध्यक्ष तथा अन्य विरोधी नेताओं को आशंका है कि पंचायत चुनाव में बीरभूम जिले में शासक दल खून खराबा के बल पर पंचायत चुनाव जीतने की कोशिश करेगा.

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