पश्मिच बंगाल में अबतक प्रशान ने हिंसा के आरोप में 70 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर (TMC MP Sukhendu Sekhar Ray) रे ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, जो अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहें है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. भाजपा मतभेद पैदा करने के लिए इस मुद्दे को जिंदा रखना चाहती है. वही, भाजपा (BJP) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार (West Bengal BJP chief Sukanta Majumdar) को भी पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया जब वह हिंसाग्रस्त हावड़ा जाने का प्रयास कर रहे थे. पुलिस ने कहा कि हावड़ा में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है जहां मजूमदार प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे. उनके दौरे से कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो सकती थी.
पार्टी कार्यालय का दौरा करने निकले थे मजमूदार
मजूमदार ने अपने घर के बाहर पत्रकारों से कहा कि मैं हावड़ा जिले के उन इलाकों का दौरा करने वाला था, जहां हमारे पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया. मैं जैसे ही निकलने वाला था, पुलिस ने मेरे घर के बाहर अवरोधक लगा दिए और मुझे घर से बाहर आने से रोक दिया. उन्होंने कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि किस नियम के तहत मुझे हावड़ा जाने से रोका जा रहा है.
सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का लगाया आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और विधायक तापस राय ने भी आरोप लगाया कि उनकी यात्रा का इरादा सांप्रदायिक तनाव पैदा करना था. राय ने कहा, पुलिस ने उन्हें रोककर सही काम किया. हालांकि, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष हावड़ा जिले में प्रवेश कर गए और उन्होंने उन क्षेत्रों का दौरा किया, जहां पार्टी के कार्यालयों पर हमला किया गया था. घोष ने कहा मैंने उन इलाकों का दौरा किया, जहां हमारी पार्टी के कार्यालयों में तोड़फोड़ की गयी थी. यहां की अराजक स्थिति प्रशासन की विफलता को दर्शाती है.
पुलिस अधिकारियों का तबादला
हिंसा के बाद मामला सरकार ने प्रशासन में बड़े फेर बदल किए हैं. IPS प्रवीण त्रिपाठी हावड़ा के नए पुलिस कमिश्नर बनाए गए हैं और IPS स्वाति भंगिया नए हावड़ा ग्रामीण एसपी हैं. वहीं, हावड़ा के मौजूदा कमिश्नर सी सुधाकर को कोलकता पुलिस के जॉंइंट सीपी के पद पर तैनात किया गया.
बंगाल में 13 जून तक इंटरनेट सेवा ठप
जिले में शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था, इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, कई पुलिस वाहनों में आग लगा दी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. जिले में 13 जून तक इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है. पंद्रह जून तक उलुबेरिया, डोमजूर और पंचला जैसे कई क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गई है. प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क मार्ग और रेलवे मार्ग को अवरुद्ध करने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था. हिंसा के कारण कई लोकल और एक्सप्रेस ट्रेन को रद्द करना पड़ा था.
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