कोयल नदी में गिरे हाथी का बच्चा पूरी तरह स्वस्थ, पशु चिकित्सक की देखरेख में हो रहा इलाज

कोयल नदी में गिरे हाथी के बच्चे का रेस्क्यू हुआ है. फिलहाल बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है. पशु चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज हो रहा है. वनकर्मी बच्चा हाथी के बिछड़े झुंड की तलाश में जुट गयी है.

Jharkhand News: पलामू टाइगर रिजर्व (Palamu Tiger Reserve) के मंडल डैम के पास कोयल नदी से बरामद किया गया हाथी के दो माह का बच्चा बेतला में पूरी तरह सुरक्षित है. उसकी देखभाल पशु चिकित्सक डॉ मीरा सिंह की देखरेख में हो रहा है. हाथी बच्चे के देखरेख में रेंजर शंकर पासवान के अलावा वनपाल उमेश दुबे और संतोष सिंह दिन-रात जुटे हुए हैं. इधर, बच्चा हाथी के बिछड़े झुंड की तलाश जारी है.

बिछड़े बच्चे को उसकी मां से मिलाने की हो रही कोशिश

पूरे आसपास के क्षेत्र में पीटीआर के नॉर्थ डिवीजन के डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष के निर्देश पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है. विभाग का मानना है कि बिछड़े हुए हाथी बच्चे की मां की झुंड की पहचान होने पर हाथी के बच्चे को उस झुंड में शामिल करा दिया जाएगा. वनपाल उमेश दुबे और संतोष सिंह ने बताया कि निगरानी में कोई कसर नहीं छोड़ा जाएगा.

क्या है मामला

पिछले दिनों कोयल नदी में पानी पीने के दौरान अपने झुंड से बिछुड़ कर हाथी का एक बच्चा नदी में गिर गया था. पानी के बहाव के कारण वह किनारे से दूर नदी में चला गया. झुंड में शामिल अन्य हाथी उसे बाहर निकालने का प्रयास करते रहे, लेकिन प्रयास विफल होने पर उसे वहीं छोड़कर जंगल में चले गये थे.

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रेस्क्यू कर कोयल नदी से निकाला गया बाहर

इधर, कोयल नदी में हाथी के बच्चे के गिरने की जानकारी मिलते ही वनकर्मी रेस हुए. CRPF के जवानों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की मदद से गिरे हाथी के बच्चे को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया है. रेस्क्य कर बाहर निकाले गये हाथी के बच्चे के आंख और कान के पास चोट के निशान पाये गये. घायल हाथी बच्चे का इलाज पशु चिकित्सक द्वारा किया गया. फिलहाल, हाथी का बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है. उसे दूध और केला खाने के लिए दिया जा रहा है. साथ ही उसके बिछुड़े झुंड को खोजा जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द से उसमें शामिल कराया जा सके.

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By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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