Australia vs South Africa : जीत का खाता खोलने के लिए आज चोकर्स के सामने होगी कंगारुओं की टीम, ये है रिकाॅर्ड

ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला मैच बहुत खास है क्योंकि विश्वकप की प्रबल दावेदार मानी जाने वाली कंगारुओं की टीम का जीत का खाता अभी नहीं खुला है और वे प्वाइंट टेबल में अभी सातवें स्थान पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका की स्थिति बहुत बेहतर है और वह प्वाइंट टेबल में तीसरे स्थान पर है.

आईसीसी विश्वकप 2023 का दसवां मैच आज यानी गुरुवार 12 अक्टूबर को दो मजबूत टीम ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा. ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में मैच खेला जाएगा. ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका दोनों ही टीम विश्वकप की काफी मजबूत टीम मानी जा रही है और दोनों ही ट्राॅफी की प्रबल दावेदार हैं. मैच भारतीय समय के अनुसार दोपहर दो बजे से शुरू होगा.

ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका दोनों ही ट्राॅफी की प्रबल दावेदार

ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला मैच बहुत खास है क्योंकि विश्वकप की प्रबल दावेदार मानी जाने वाली कंगारुओं की टीम का जीत का खाता अभी नहीं खुला है और वे प्वाइंट टेबल में अभी सातवें स्थान पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका की स्थिति बहुत बेहतर है और वह प्वाइंट टेबल में तीसरे स्थान पर है. ऑस्ट्रेलिया ने अब तक एक मैच खेला है जिसमें उसे चेन्नई के ग्राउंड पर भारत से हार नसीब हुई है. वहीं दक्षिण अफ्रीका ने भी एक ही मैच खेला है लेकिन उसने श्रीलंका को बड़े अंतर से हराया है.

घायल शेर की तरह छटपटा रहा है ऑस्ट्रेलिया

एक ओर तो पांच बार के विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं हुई है जिससे उनका मनोबल थोड़ा गिरा हुआ है और वह घायल शेर की तरह किसी पर हमला करने के लिए छटपटा रहे हैं वहीं दूसरी ओ दक्षिण अफ्रीका ने अपने पहले मैच में श्रीलंका को 102 रन से करारी शिकस्त दी थी जिसकी वजह से उनका जोश हाई है. ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छी खबर यह है कि उसके ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर गए हैं और उनका कैमरन ग्रीन की जगह टीम में शामिल होना तय है. स्टोइनिस मैच विजेता खिलाड़ी हैं और आईपीएल में लखनऊ सुपरजाइंट्स की तरफ से खेलने के कारण उन्हें इस मैदान पर खेलने का अच्छा अनुभव है. दक्षिण अफ्रीका ने विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला के पहले दो मैच गंवाने के बाद अगले तीन मैच जीते थे और टीम को इसका मनोवैज्ञानिक लाभ मिलेगा. ऑस्ट्रेलिया को भी दमदार वापसी करने के लिए जाना जाता है और इसलिए यह मुकाबला रोमांचक होने की संभावना है.

टीम इस प्रकार हैं

दक्षिण अफ्रीका: तेम्बा बावुमा (कप्तान), गेराल्ड कोएट्ज़ी, क्विंटन डिकॉक, रीज़ा हेंड्रिक्स, मार्को यानसन, हेनरिक क्लासेन, केशव महाराज, एडेन मार्कराम, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, एंडिले फेहलुकवायो, कैगिसो रबाडा, तबरेज़ शम्सी, रासी वान डेर डुसेन , लिज़ाद विलियम्स।

ऑस्ट्रेलिया: पैट कमिंस (कप्तान), स्टीव स्मिथ, एलेक्स कैरी, जोश इंगलिस, सीन एबॉट, एश्टन एगर, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, मिशेल मार्श, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, डेविड वार्नर, एडम ज़म्पा, मिशेल स्टार्क.

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लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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