COVID19 : पश्चिम बंगाल में 7 लोगों में मिले कोरोना वायरस के लक्षण, IIEST शिबपुर में 15 अप्रैल तक छुट्टी

7 coronavirus positive cases in west bengal iiest shibpur closed till 15 april कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सात (7) लोगों में कोरोना वायरस जैसे लक्षण पाये जाने के बाद उन्हें बेलियाघाटा आइडी एंड बीजी अस्पताल के पृथक वार्ड में भर्ती कराया गया. वहीं, हावड़ा जिला के शिबपुर स्थित भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (IIEST) में 15 अप्रैल तक छुट्टी की घोषणा कर दी गयी है.

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सात (7) लोगों में कोरोना वायरस जैसे लक्षण पाये जाने के बाद उन्हें बेलियाघाटा आइडी एंड बीजी अस्पताल के पृथक वार्ड में भर्ती कराया गया. वहीं, हावड़ा जिला के शिबपुर स्थित भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (IIEST) में 15 अप्रैल तक छुट्टी की घोषणा कर दी गयी है.

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन 7 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है, उनमें से कुछ लोग हाल ही में विदेश से लौटे हैं. अधिकारी ने बताया कि इनमें से दो लोग इटली गये थे और कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की चपेट में आ गये थे. उन्होंने कहा कि तीसरा व्यक्ति लाइबेरिया का नागरिक है. सभी सात लोगों के लार के नमूने एकत्रित किये गये हैं.

उधर, कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर एहतियाती उपाय के तौर पर, भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (IIEST) ने 15 अप्रैल तक कक्षाओं को निलंबित करने की एक नयी अधिसूचना जारी की है. बुधवार को पंजीयक बिमान बंद्योपाध्याय द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना में कहा गया है, छात्रावास भी 15 अप्रैल तक बंद रहेंगे.

आइआइटी खड़गपुर और आइआइइएसटी शिबपुर ने पहले ही अपनी अकादमिक गतिविधियां निलंबित कर दी हैं. IIT खड़गपुर परिसर में छात्रों और रहने वाले अन्य लोगों को 13 मार्च से परिसर से बाहर यात्रा नहीं करने और सामाजिक दूरी बनाये रखने की सलाह दी गयी है, जबकि संस्थान दृश्य कला में एक ऑनलाइन प्रतियोगिता और प्रदर्शनी का आयोजन कर रहा है.

उल्लेखनीय है कि जब शुरू में भारत में कोरोना वायरस से संबंधित कुछ एडवाइजरी केंद्र सरकार ने जारी की थी, तब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसे देश की समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया था. अभी हाल ही में उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है. पैनिक करने की जरूरत नहीं है. लेकिन, धीरे-धीरे प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित कई मरीज मिले हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

प्रदेश सरकार अब इस मामले में पूरा एहतियात बरत रही है. वहीं, केंद्र सरकार पूरी सतर्कता के साथ कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (19 मार्च, 2020) को राष्ट्र को संबोधित किया और कोरोना के खिलाफ जंग में मदद की अपील की. उन्होंने लोगों से कहा कि वे भीड़-भाड़ से दूर रहें. अफवाहों से बचें. बहुत जरूरी हो, तभी घर से निकलें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >