पति को छोड़ दूंगी लेकिन इंस्टाग्राम पर फोटो डालना नहीं छाेड़ूंगी, पत्नी रॉक्स – पड़ोसी शॉक्ड

Social Media Addiction: यह मामला सिर्फ एक कपल की कहानी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का एक नमूना है. क्या इंस्टाग्राम और रिश्तों में संतुलन बनाना इतना मुश्किल हो गया है? पढ़ें पूरी खबर

Social Media Addiction: सोशल मीडिया का बढ़ता चलन अब रिश्तों पर भी असर डाल रहा है. बिहार के पूर्णिया में एक हैरान करने वाला मामला (Purnia Bihar News) सामने आया, जहां एक महिला ने अपने पति से अलग होने की बात तो कबूल कर ली, लेकिन यह कहकर सबको चौंका दिया कि वह इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरें पोस्ट करना नहीं छोड़ सकती. यह जवाब कटिहार के एक दंपति के बीच चल रहे विवाद के दौरान सामने आया, जिसने सोशल मीडिया की लत और पारिवारिक रिश्तों पर इसके प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

क्या है पूरा मामला?

कटिहार के इस दंपति का विवाद तब सुर्खियों में आया जब पति ने पत्नी से इंस्टाग्राम पर लगातार फोटो डालने की आदत को लेकर आपत्ति जताई. पति का कहना था कि उनकी पत्नी दिनभर सोशल मीडिया पर समय बिताती है और परिवार को नजर अंदाज करती है. जवाब में पत्नी ने कहा, मैं तुम्हें छोड़ सकती हूं, लेकिन इंस्टाग्राम पर फोटो डालना मेरी जिंदगी का हिस्सा है, इसे नहीं छोड़ूंगी. इस बयान ने न केवल पति को, बल्कि आसपास के लोगों को भी हैरत में डाल दिया.

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सोशल मीडिया की लत का असर

यह घटना आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया की बढ़ती निर्भरता को दर्शाती है. मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इंस्टाग्राम जैसे प्लैटफॉर्म्स पर लाइक्स और कमेंट्स की चाहत लोगों को इस कदर जकड़ रही है कि वे वास्तविक रिश्तों से ऊपर इसे तरजीह देने लगे हैं. मनोचिकित्सक बता रहे हैं कि सोशल मीडिया की यह लत अब तलाक और पारिवारिक तनाव का एक बड़ा कारण बन रही है.

लोगों की प्रतिक्रिया

इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी. कुछ यूजर्स ने इसे हास्यास्पद बताया, तो कुछ ने इसे गंभीर सामाजिक समस्या करार दिया. एक यूजर ने लिखा- यह आज की हकीकत है, लोग वर्चुअल दुनिया में इतना खो गए हैं कि असल जिंदगी पीछे छूट रही है.

यह मामला सिर्फ एक दंपति की कहानी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का एक नमूना है. क्या इंस्टाग्राम और रिश्तों में संतुलन बनाना इतना मुश्किल हो गया है? यह सवाल अब हर किसी के सामने है.

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By Rajeev kumar

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राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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