डोनाल्ड ट्रंप ने Anthropic के Claude पर क्यों लगाया बैन? जानिए पूरा मामला

अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के टूल्स के सरकारी दफ्तरों में इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. यह फैसला कंपनी और सेना के बीच चल रहे टकराव के बाद सामने आया. आइए जानते हैं पूरा मामला.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic के लिए डोनाल्ड ट्रंप का कदम बिल्कुल अचानक आया. शुक्रवार को ट्रंप ने Truth Social पर एक ही पोस्ट में सभी सरकारी एजेंसियों को निर्देश दे दिया कि वे Anthropic के AI टूल्स, खासकर उसके AI असिस्टेंट Claude, का इस्तेमाल बंद कर दें. मामला यहीं नहीं रुका. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने तो कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा तक बता दिया. दरअसल, पूरे विवाद की जड़ Anthropic का यह साफ इनकार है कि वह अपनी तकनीक को सैन्य इस्तेमाल के लिए बिना किसी रोक-टोक के उपलब्ध नहीं कराएगी. आइए आपको पूरा मामला विस्तार से बताते हैं.

 क्या है Anthropic?

आपने OpenAI का ChatGPT तो सुना ही होगा. उसी तरह Anthropic भी एक अमेरिकी AI कंपनी है, जो अपना AI असिस्टेंट Claude बनाती है. Anthropic खुद को सिर्फ AI कंपनी नहीं, बल्कि एआई सेफ्टी और रिसर्च पर फोकस करने वाली कंपनी बताती है. यानी कंपनी का दावा है कि वह AI को सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने पर ज्यादा जोर देती है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 के बाद से Claude का इस्तेमाल अमेरिका में संवेदनशील सैन्य प्लानिंग और ऑपरेशन्स में भी होने लगा. इसकी मदद से सुरक्षा और खुफिया अधिकारी भारी मात्रा में क्लासिफाइड डेटा को जल्दी समझ और जोड़ पाते हैं. यहां तक कहा गया कि जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) को पकड़ने वाले ऑपरेशन में भी इस AI टूल का इस्तेमाल हुआ था. हालांकि इसकी सटीक भूमिका साफ नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों बैन किया Anthropic?

जैसा कि हमने पहले बताया था कि Anthropic बाकी AI कंपनियों से थोड़ा अलग है क्योंकि उसका फोकस हमेशा सेफ्टी पर रहा है. कंपनी के सीईओ डारियो अमोडेई शुरू से ही इस बात के खिलाफ रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन AI टूल का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की जासूसी के लिए करे या ऐसे किलर रोबोट बनाए जो बिना इंसानी कंट्रोल के लोगों को निशाना बना सकें.

लेकिन ट्रंप प्रशासन चाहता है कि Anthropic अपने ये सेफ्टी गार्डरेल्स हटा दे और Claude की क्षमताओं तक उसे बिना किसी रोक-टोक के पूरा एक्सेस मिल जाए. प्रशासन का कहना है कि इससे देश की कानूनी तरीके से सुरक्षा करने में मदद मिलेगी.

सीधे शब्दों में कहें तो ट्रंप AI के इस्तेमाल पर किसी तरह की पाबंदी नहीं चाहते, खासकर बैटलफील्ड में. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब आने वाले दिनों में अमेरिका द्वारा ईरान पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है. हालांकि Anthropic ने इस मांग का विरोध किया है. कंपनी अब अमेरिका की अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है और ट्रंप के इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बता रही है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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