भीषण गर्मी में आपका AC भी हो रहा बार-बार खराब? जानें इसके पीछे की बड़ी वजहें

AC Breaks Down Reasons: इस बार की रिकॉर्डतोड़ गर्मी सिर्फ लोगों को नहीं, आपके एसी को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही है. अगर एसी बार-बार खराब हो रहा है या सही कूलिंग नहीं दे रहा, तो इसके पीछे कुछ ऐसी वजहें हैं जिन्हें जानना आपके के लिए जरूरी है. आइए जानते हैं उन वजहों के बारे में.

AC Breaks Down Reasons: भारत में इस बार गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इसका असर सिर्फ लोगों पर ही नहीं, बल्कि घरों और ऑफिस में चलने वाले एसी पर भी साफ दिख रहा है. तेज धूप और लगातार बढ़ते टेम्परेचर की वजह से एसी अब पहले से कहीं ज्यादा देर तक बिना रुके चल रहे हैं. ऐसे में कई लोगों को कूलिंग कम होना, एसी का बार-बार बंद पड़ना या खराबी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. जो एसी पहले पूरे गर्मी के मौसम में आराम से काम करते थे, वही अब इस भीषण गर्मी में जवाब देने लगे हैं. अगर आपका एसी भी बार-बार खराब हो रहा है और बार-बार मरम्मत करवानी पड़ रही है, तो इसके पीछे की असली वजह जानना जरूरी है.

नॉन-स्टॉप चलने की वजह से AC होता खराब

तेज गर्मी में कई घरों में एसी लगभग पूरे दिन-रात चलता रहता है. लगातार बिना रुके चलने की वजह से उसका कंप्रेसर और अंदर के दूसरे पार्ट्स नॉर्मल से ज्यादा मेहनत करने लगते हैं. जब मशीन को सही तरीके से आराम नहीं मिलता, तो वह जल्दी गर्म हो जाती है. ऐसे में पार्ट्स पर लोड बढ़ता है, घिसावट तेज होती है और गर्मियों के सबसे जरूरी समय में अचानक एसी के खराब पड़ने की चांस भी काफी बढ़ जाती है.

गंदे एयर फिल्टर्स अंदरूनी पार्ट्स पर बढ़ाते हैं लोड 

अगर एसी ठीक से ठंडा नहीं कर रहा, तो इसकी एक बड़ी वजह गंदे और धूल से भरे एयर फिल्टर्स हो सकते हैं. जब फिल्टर्स में धूल जम जाती है, तो हवा का फ्लो रुकने लगता है. इसका असर ये होता है कि एसी को कमरे को ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. लंबे समय तक अगर फिल्टर्स की सफाई और सर्विसिंग को नजरअंदाज किया जाए, तो यह दबाव एसी के अंदरूनी पार्ट्स पर भी पड़ने लगता है.

गलत जगह आउटडोर यूनिट बढ़ाता है परेशानी 

एसी का आउटडोर यूनिट घर के अंदर की गर्म हवा को बाहर निकालने का काम करता है. लेकिन अगर इसे किसी तंग जगह पर लगाया गया हो, या उसके आसपास धूल, पौधे या दीवारें हों, तो गर्मी सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाती. ऐसे में एसी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे वह ओवरहीट होने लगता है. इसका असर सीधा कूलिंग पर पड़ता है और तकनीकी खराबी आने का खतरा भी बढ़ जाता है.

रेफ्रिजरेंट गैस कम होने की वजह से कंप्रेसर पर पड़ता है लोड

एसी की कूलिंग सही रहने में रेफ्रिजरेंट गैस का बहुत बड़ा रोल रहता है. अगर किसी वजह से गैस लीक हो जाए या सर्विसिंग के दौरान सही तरीके से भराई न हो, तो एसी पहले जैसी कूलिंग देना बंद कर देता है. ऐसे में मशीन को कमरे को ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, और इसका सीधा लोड कंप्रेसर पर पड़ता है.

वोल्टेज ऊपर-नीचे होने से नाजुक पार्ट्स पर पड़ता है असर

गर्मी बढ़ते ही बिजली की मांग भी अचानक काफी बढ़ जाती है. यही वजह है कि कई इलाकों में वोल्टेज ऊपर-नीचे होने लगता है. ऐसे उतार-चढ़ाव का सीधा असर आपके एसी पर पड़ सकता है, खासकर उसके नाजुक पार्ट्स जैसे सर्किट बोर्ड और कंप्रेसर पर. अगर एसी के साथ सही वोल्टेज प्रोटेक्शन या स्टेबलाइजर न हो, तो बार-बार आने वाला यह इलेक्ट्रिकल स्ट्रेस मशीन की उम्र कम कर सकता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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