बिना सोचे समझे इस्तेमाल करते हैं फ्री पब्लिक Wi-Fi? हो जाएं सावधान वरना हो सकता है लाखों का नुकसान

पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल आज हर जगह आसानी से किया जा सकता है, लेकिन इससे सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरे भी बढ़ जाते हैं. पब्लिक नेटवर्क पर डेटा चोरी और हैकिंग का खतरा काफी अधिक रहता है.

Wi-Fi: शॉपिंग मॉल, कैफे, हवाई अड्डे सहित कई जगहों पर आजकल सार्वजनिक वाई-फाई आसानी से उपलब्ध है, लेकिन क्या यह सुरक्षित है? हम अक्सर अच्छे इरादों से फ्री पब्लिक वाई-फाई से कनेक्ट हो जाते हैं, लेकिन अनजाने में अपने व्यक्तिगत और संवेदनशील डेटा को हैकर्स और साइबर अपराधियों के सामने उजागर कर देते हैं. बैंकिंग जानकारी और निजी बातचीत जैसी अहम जानकारियां साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती हैं और उनका दुरुपयोग हो सकता है.

CERT-In ने जारी की चेतवानी 

साइबर सुरक्षा के बढ़ते खतरों के मद्देनजर रखते हुए, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने अपने ‘जागरूकता दिवस’ (Jaagrookta Diwas) अभियान के तहत पब्लिक Wi-Fi के जोखिमों को लेकर चेतावनी जारी की है. CERT-In ने बताया कि हैकर्स और साइबर अपराधी असुरक्षित पब्लिक Wi-Fi  नेटवर्क्स को निशाना बनाकर यूजर्स का डेटा चुरा रहे हैं. पब्लिक Wi-Fi का उपयोग केवल ब्राउजिंग के लिए नहीं, बल्कि ऑनलाइन शॉपिंग या ईमेल जांचने के दौरान भी पहचान की चोरी (Identity Fraud) जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है.

यह भी पढ़े: Tech Tips: गर्मियों में भूल कर भी स्मार्टफोन के कवर में न रखें नोट और कार्ड, बम की तरह फट जाएगा फोन

एडवाइजरी में CERT-In ने स्पष्ट रूप से पब्लिक Wi-Fi का उपयोग करते समय संवेदनशील लेन-देन, जैसे ऑनलाइन पेमेंट या निजी जानकारी दर्ज करने से बचने की सलाह दी है. हैकर्स असुरक्षित नेटवर्क्स को आसानी से भेद सकते हैं और डेटा चोरी, वित्तीय हानि और पहचान की धोखाधड़ी जैसी घटनाएं किसी के भी साथ घट सकती हैं.

पब्लिक Wi-Fi से अपने आप को कैसे रखें सेफ 

  • पब्लिक Wi-Fi नेटवर्क का उपयोग करते समय किसी भी तरह की खरीदारी, बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए.
  • अपने इंटरनेट कनेक्शन को सुरक्षित करने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का उपयोग करना चाहिए, जो डाटा को एन्क्रिप्ट कर हैकर्स के हमले को मुश्किल बना देता है.
  • ब्राउजर की ऑटो-फिल सेटिंग को बंद करना भी महत्वपूर्ण है, ताकि पासवर्ड या व्यक्तिगत जानकारी अपने आप न भरे और सुरक्षा में सेंध न लगे.
  • कोशिश करें कि हर अकाउंट के लिए लंबा और अलग-अलग पासवर्ड बनाएं. 
  • इसके साथ ही, अनजान सोर्स से आए अटैचमेंट न खोलें और किसी भी संदिग्ध ईमेल में दिए लिंक पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि ये फिशिंग अटैक हो सकते हैं.
  • महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से बैकअप लेना भी बेहद जरूरी है. इसके लिए अपनी फाइलों को किसी बाहरी हार्ड ड्राइव पर सुरक्षित रूप से संग्रहित करना चाहिए.

टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >