मॉनसून में फ्रिज को रखना है सही-सलामत तो गांठ बांध लें ये 5 बातें, वरना हाय-हाय करते रह जाएंगे आप

Fridge Tips: मानसून के आते ही हवा में नमी बढ़ जाती है और इसके साथ ही बिजली का बार बार जाना और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव भी आम हो जाते हैं जो घर में मौजूद फ्रिज के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. लेकिन कुछ बातों का ख्याल रख कर बारिश के मौसम में आप अपने फ्रिज की देख भाल अच्छी तरह से कर सकते हैं. आइए जानते हैं.

Fridge Tips: हमारे घर में एक ऐसा जरूरी डिवाइस है जो लगातार चलता है और दिन-रात बिजली से जुड़ा हुआ रहता है. सही समझा आपने, हम बात करे रहे हैं फ्रिज की. मानसून के दौरान बढ़ी हुई नमी, बार-बार बिजली का जाना और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव घर में मौजूद फ्रिज के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं. लेकिन बारिश के मौसम में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या फ्रिज को हमेशा बिजली से जोड़े रखना चाहिए या बिजली जाने पर उसे बंद कर देना बेहतर होता है?

आज हम आपको बताएंगे कि बरसात के मौसम में फ्रिज का सही तरीके से कैसे इस्तेमाल करें, कब उसे चालू रखें, कब बंद करना सही रहेगा, और किन सावधानियों को अपनाकर आप न सिर्फ फ्रिज को सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि बिजली भी बचा सकते हैं.

फ्रिज को हमेशा पावर सप्लाई में रखें या नहीं?

फ्रिज को हमेशा चालू रखना चाहिए या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं. यदि आप घर पर हैं और फ्रिज का रोजाना इस्तेमाल हो रहा है तो उसे लगातार पावर सप्लाई से जोड़े रखना ही सही है. मार्किट में जो आज कल लेटेस्ट फ्रिज आ रहे हैं वो टेम्परेचर के अनुसार खुद को ऑटोमैटिक रूप से एडजस्ट करते हैं इसलिए उन्हें बार-बार ऑन-ऑफ करना बिजली की अधिक खपत कर सकता है.

स्टेबलाइजर का करें इस्तेमाल

मानसून के दिनों में अक्सर बिजली का आना-जाना लगा रहता है. इस दौरान वोल्टेज में अचानक उतार-चढ़ाव फ्रिज को नुकसान पहुंचा सकता है. अगर आपके फ्रिज में पहले से वोल्टेज प्रोटेक्शन नहीं है तो आपको एक अलग स्टेबलाइजर जरूर लगवाना चाहिए.

कुछ दिनों के लिए घर से दूर जा रहे हों तो करें यह काम

यदि आप यात्रा पर जा रहे हैं और घर कुछ दिनों तक खाली रहेगा तो फ्रिज (Fridge) को पूरी तरह खाली कर देना बेहतर रहेगा. फ्रिज का स्विच बंद करें और दरवाजा थोड़ा खुला छोड़ दें ताकि अंदर की नमी और बदबू जमा न हो. इसके साथ ही प्लग को सॉकेट से निकाल दें जिससे वोल्टेज फ्लक्चुएशन की स्थिति में कोई नुकसान न हो.

फ्रिज के पीछे की सफाई करें 

मानसून में अक्सर हवा में मौजूद नमी के कारण फ्रिज (Fridge) के पीछे की जाली यानी कंडेंसर कॉइल पर धूल, कीड़े या नमी जमा हो जाती है. इससे फ्रिज की कूलिंग कैपेसिटी घट सकती है. इसलिए सप्ताह में एक बार सूखे  कपड़े या ब्रश से इस हिस्से की सफाई जरूर करें.

मॉनसून में बार-बार न खोले Fridge 

मॉनसून के मौसम में हवा में नमी काफी बढ़ जाती है. ऐसे में फ्रिज (Fridge) का दरवाजा बार-बार खोलने से बाहर की नमी अंदर पहुंच जाती है जिससे अंदर पानी जमा होने लगता है. इसका असर फ्रिज में रखे खाने पर पड़ता है. वह जल्दी खराब हो सकता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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