फास्ट चार्जिंग होने के बाद भी फोन स्लो चार्ज हो रहा है? वजह हो सकती हैं ये 3 गलतियां

Smartphone Charging Mistakes: फास्ट चार्जिंग सपोर्ट होने के बाद भी फोन धीरे चार्ज हो रहा है? हो सकता है वजह फोन नहीं, आपकी कुछ आम गलतियां हों. आइए जानते हैं कैसे गलत चार्जर अडैप्टर, स्लो केबल और गलत चार्जिंग कंडीशन आपकी चार्जिंग स्पीड बिगाड़ते हैं.

Smartphone Charging Mistakes: जब फोन, टैबलेट या लैपटॉप जल्दी चार्ज करने की बात आती है, तो हम में से ज्यादातर लोग बस यही देखते हैं कि इसमें फास्ट चार्जिंग है या नहीं. लेकिन असली खेल यहां खत्म नहीं होता. मान लीजिए फोन फास्ट चार्ज हो सकता है, पर केबल या चार्जर ढंग का नहीं है, तो चार्जिंग अपने आप स्लो पड़ जाएगी. अच्छी बात ये है कि अब केबल उल्टी लगाने वाला झंझट तो खत्म हो गया है, जो पहले USB-A में रोज का सिरदर्द था.

USB-C को इसी लिए बनाया गया है कि इस्तेमाल आसान रहे और चार्जिंग तेज मिले. फिर भी, अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान न रखा जाए, तो फोन बिना वजह धीरे-धीरे चार्ज होगा. आइए जान लेते हैं उन बातों को.

सही चार्जर अडैप्टर न होना

मान लीजिए आपका फोन फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है, लेकिन अगर आप सस्ता या पुराना चार्जर अडैप्टर या केबल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो फोन उतनी स्पीड से चार्ज नहीं होगा. फोन चार्ज तो हो जाएगा, लेकिन जितनी फास्ट से हो सकता है, उतनी नहीं. आसान शब्दों में कहें तो अगर आप ऐसा चार्जर लेते हैं जिसकी वॉटेज आपके फोन से ज्यादा है, तो भी कोई दिक्कत नहीं है. फोन उतनी ही पावर लेगा, जितनी उसे चाहिए. लेकिन अगर चार्जर की वॉटेज फोन से कम है, तो फिर फास्ट चार्जिंग का फायदा ही नहीं मिलेगा.

सही केबल इस्तेमाल न करना

अक्सर लोग सोचते हैं कि बस अच्छा चार्जर लगा दो, फोन फटाफट चार्ज हो जाएगा. लेकिन सच्चाई ये है कि केबल भी उतनी ही जरूरी होती है. अगर आप सस्ती या स्लो केबल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो चाहे चार्जर कितना भी फास्ट क्यों न हो, चार्जिंग फिर भी धीमी ही रहेगी.

फास्ट चार्जिंग के लिए ऐसी केबल चाहिए जो USB Power Delivery (PD) या Qualcomm Quick Charge को सपोर्ट करती हो, और आपके डिवाइस की कैपेसिटी के हिसाब से रेटेड हो. आम तौर पर ज्यादा वोल्टेज वाली केबल (जैसे 10V) अगर फोन सपोर्ट करता है, तो 5V वाली केबल से तेज चार्ज कर सकती है.

गलत कंडीशन में चार्ज करना

USB-C भले ही फास्ट चार्जिंग देता हो, लेकिन अगर आप फोन को गलत कंडीशन में चार्ज कर रहे हैं, तो स्पीड अपने आप कम हो जाती है. जैसे मान लीजिए आप फोन को धूप में रखकर चार्ज कर रहे हैं तो ऐसे में फोन जल्दी चार्ज नहीं होगा. इसी तरह अगर फोन पर बहुत मोटा कवर लगा हो तो अंदर की गर्मी बाहर नहीं जाने देता. इससे चार्जिंग स्लो हो सकती है. बेहतर चार्जिंग के लिए फोन को किसी ठंडी और छांव वाली जगह पर चार्ज करें. चार्जिंग के दौरान बेवजह ऐप्स चलाने से भी बचें क्योंकि इससे फोन गर्म होता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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