Time Travel का सबूत? 1938 के वीडियो में महिला को मोबाइल फोन पर बात करते देख चौंक जाएंगे आप

Time Travel: 86 साल पुराने वीडियो को टाइम ट्रैवल का सबूत माननेवाले यह कह रहे हैं कि सेलफोन के आविष्कार से दशकों पहले इस महिला तक मोबाइल कैसे पहुंच गया.

Time Travel : टाइम ट्रैवल लंबे समय से चर्चा में है. इस रोचक मुद्दे पर कई फिल्में और टीवी शो बन चुके हैं. यह हकीकत है या अफसाना, यह तो बाद की बात है, लेकिन समय-समय पर ऐसा कुछ हैरतअंगेज दिखाई पड़ जाता है जो इस बात को बल देता है कि टाइम ट्रैवल या समय यात्रा संभव है.

भविष्य में टाइम ट्रैवल के लिए क्या कोई टाइम मशीन बनायी जा सकती है? यह अवधारणा काफी लंबे समय से वैज्ञानिकों को रोमांचित करती आ रही है. अल्बर्ट आइंस्टीन के सापेक्षतावाद सिद्धांत में उन्होंने बताया था कि ब्रह्मांड में समय और अंतरिक्ष, चादर के रूप में एक-दूसरे से जुड़े हैं.

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टाइम ट्रैवल को कुछ लोग संभव मानते हैं, लेकिन इसका सबूत किसी के पास नहीं है. इन सभी बातों के बीच साल 1938 में बना एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद इस थ्योरी पर कुछ लोगों को यकीन हो रहा है कि टाइम ट्रैवल संभव है. इस वीडियो में एक महिला मोबाइल फोन पर बातचीत करती देखी जा सकती है.

साल 1938 में शूट किये गए इस वीडियो में एक महिला अपने कान के पास हाथ रखे नजर आ रही है. ऐसा लगता है जैसे वह फोन पर किसी से बात कर रही है. जबकि साल 1938 में सेलफोन का आविष्कार ही नहीं हुआ था. बता दें कि 3 अप्रैल 1973 को न्यूयॉर्क में मोटोरोला के मार्टिन कूपर ने पहला हैंडहेल्ड मोबाइल फोन प्रदर्शित किया था.

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इस वीडियो को कॉन्स्पिरेसी थ्योरिस्ट्स टाइम ट्रैवल का सबूत मान रहे हैं. उनका कहना है कि टाइम ट्रैवल वास्तव में संभव है. 86 साल पुराने वीडियो को आधार बनाकर यह बताया जा रहा है कि मोबाइल सेलफोन के आविष्कार से दशकों पहले इस महिला तक मोबाइल कैसे पहुंच गया. यह टाइम ट्रैवल का सबूत है.

85 साल पहले अमेरिका में एक फैक्ट्री के बाहर शूट किये गए इस वीडियो को टाइम ट्रैवल के सबूत के तौर पर पेश किया जा रहा है. यूट्यूब पर शेयर किये गए वीडियो में फोन पर बात कर रही महिला ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा है. हालांकि इस बात की पुष्टि करना असंभव है कि क्या वह सच में फोन पर बात कर रही है.

वीडियो को लेकर एक शख्स का दावा है कि फोन के साथ नजर आ रही महिला उनकी परदादी गर्ट्रूड जोन्स हैं. यह वीडियो तब का है जब वह 17 साल की थीं. शख्स काे उनकी परदादी ने बताया कि ड्यूपॉन्ट की फैक्ट्री में एक टेलीफोन कम्युनिकेशन सेक्शन था, जहां वायरलेस टेलीफोन के साथ प्रयोग किया जा रहा था. गर्ट्रूड और पांच अन्य महिलाओं को टेस्ट करने के लिए एक सप्ताह के लिए वायरलेस फोन दिये गए थे. वायरलेस फोन पकड़े हुए गर्ट्रूड वैज्ञानिकों में से एक से बात कर रही हैं.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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