भारत में बनेंगे सेमीकंडक्टर चिप, टाटा ग्रुप भी लगाएगा प्लांट, ये है सरकार का प्लान

Tata Chip Plant Made In India Semiconductors : हमारे देश में बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर का उत्पादन जल्द ही होना शुरू हो जाएगा. देश में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए टाटा ग्रुप (Tata Group) सहित इजराइल की टावर सेमीकंडक्टर (Tower Semiconductors) ने भी प्रस्ताव दिया है.

Tata Chip Plant Made In India Semiconductors : हमारे देश में बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर का उत्पादन जल्द ही होना शुरू हो जाएगा. देश में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए टाटा ग्रुप (Tata Group) सहित इजराइल की टावर सेमीकंडक्टर (Tower Semiconductors) ने भी प्रस्ताव दिया है. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने इस बारे में बताया.

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रसारण राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारत में जल्द ही अरबों डॉलर के दो पूर्ण विकसित सेमीकंडक्टर संयंत्र लगने वाले हैं. इसके अलावा कई चिप असेंबली और पैकेजिंग इकाइयों की स्थापना के लिए भी निवेश प्रस्तावित है.

मंत्री ने पीटीआई-भाषा को एक साक्षात्कार में बताया कि दो परियोजनाओं में आठ अरब डॉलर का एक प्रस्ताव इजराइल की टॉवर सेमीकंडक्टर्स का और दूसरा प्रस्ताव टाटा समूह का है.

चंद्रशेखर ने कहा, मुझे आपको बताते हुए खुशी हो रही है और शायद आप पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें मैं यह बात रहा हूं. जल्द ही भारत में दो पूर्ण विकसित फैब आने वाले हैं. ये 65, 40 और 28 नैनोमीटर प्रौद्योगिकी में कई अरब के फैब होंगे. हम कई अन्य प्रस्तावों का भी मूल्यांकन कर रहे हैं.

वह टावर सेमीकंडक्टर द्वारा पेश आठ अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव और भारत के सेमीकंडक्टर योजना की स्थिति पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे.
मंत्री ने कहा कि अगर आगामी आम चुनाव से पहले इन्हें मंजूरी नहीं मिली तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में इस परियोजना को मंजूरी दे दी जाएगी.

चंद्रशेखर ने कहा, मैं आपको विश्वास के साथ बता सकता हूं कि जिन नामों का आपने उल्लेख किया है, उन्होंने बड़े, बहुत विश्वसनीय, बहुत महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किये हैं. फैब में टाटा द्वारा अन्य घोषित प्रस्ताव भी हैं. हमें उम्मीद है कि ये प्रस्ताव बहुत जल्द साकार होंगे.

सरकार को सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए चार और चिप असेंबली, परीक्षण, निगरानी और पैकेजिंग (एटीएमपी) इकाइयों के लिए 13 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. ये प्रस्ताव अमेरिका की मेमोरी चिप विनिर्माता माइक्रोन द्वारा गुजरात में स्थापित किये जा रहे 22,516 करोड़ रुपये के चिप असेंबली संयंत्र के अतिरिक्त हैं. (इनपुट भाषा से साभार)

भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने का उद्देश्य क्या है?

भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने का उद्देश्य देश में चिप उत्पादन को बढ़ावा देना है, जिससे आत्मनिर्भरता और तकनीकी विकास में सहायता मिलेगी.

कौन से कंपनियाँ भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की योजना बना रही हैं?

टाटा ग्रुप और इजराइल की टॉवर सेमीकंडक्टर्स कंपनियाँ भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की योजना बना रही हैं.

इन प्लांट्स में कितनी राशि का निवेश प्रस्तावित है?

इन प्लांट्स के लिए टॉवर सेमीकंडक्टर्स द्वारा आठ अरब डॉलर का निवेश प्रस्तावित है, साथ ही टाटा समूह का भी एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव है.

भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट कब तक स्थापित होने की संभावना है?

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर के अनुसार, ये प्लांट जल्द ही स्थापित होने वाले हैं, और अगर जल्दी मंजूरी नहीं मिली, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में इसे मंजूरी मिल सकती है.

इस परियोजना का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव होगा?

सेमीकंडक्टर प्लांट्स के स्थापित होने से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि यह भारत को तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगा.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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