PM Surya Ghar Application Rejected: फॉर्म भरने में की है ये भूल, तो ऐसे करें ऑनलाइन ठीक

पीएम सूर्य घर योजना की सब्सिडी रिजेक्ट या पेंडिंग हो गई है? जानें नाम मिसमैच, ALMM पैनल, वेंडर और Sanctioned Load से जुड़ी 13 मुख्य वजहें और उन्हें ऑनलाइन सही करने के आसान स्टेप्स.

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी कई बार छोटी-मोटी कागजी गलतियों या तकनीकी खामियों की वजह से अटक जाती है या खारिज (Reject) हो जाती है. टाटा पावर की वेबसाइट के अनुसार, केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में अब तक लाखों लोग आवेदन कर चुके हैं, लेकिन बिजली वितरण कंपनियों (DISCOM) और नेशनल पोर्टल के सख्त जांच नियमों के कारण कई अर्जियों को हरी झंडी नहीं मिल पाती. अगर आपका आवेदन भी रिजेक्ट हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ज्यादातर कारण ऐसे होते हैं जिन्हें आसानी से सुधारकर दोबारा सबमिट किया जा सकता है.

  1. वेंडर और सोलर पैनल नियमों का पालन न होना

गैर-सूचीबद्ध (Non-Empanelled) वेंडर से इंस्टालेशन: अगर आपने MNRE या अपनी DISCOM के पोर्टल पर रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर के अलावा किसी अन्य लोकल वेंडर से सोलर सिस्टम लगवाया है, तो सब्सिडी जारी नहीं होगी. हमेशा आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्टर्ड वेंडर का ही चुनाव करें.

ALMM सूची से बाहर के पैनल: योजना के तहत केवल सरकार की ALMM (Approved List of Models and Manufacturers) सूची में शामिल सोलर मॉडल्स और DCR (मेड इन इंडिया) पैनल ही मान्य हैं. यदि वेंडर ने सस्ते या गैर-प्रमाणित पैनल लगाए हैं, तो रिपोर्ट खारिज कर दी जाएगी.

  1. दस्तावेज और नाम में मिसमैच की समस्या

नाम में अंतर: आपके आधार कार्ड, बिजली बिल और बैंक पासबुक में नाम की स्पेलिंग (अक्षर-दर-अक्षर) बिल्कुल एक समान होनी चाहिए. थोड़ा सा भी स्पेलिंग का अंतर या उपनाम (Surname) न होना आवेदन रद्द करा सकता है.

गलत कंज्यूमर नंबर और IFSC कोड: बिजली बिल पर दर्ज कंज्यूमर नंबर (Consumer Account Number) की जगह मीटर नंबर डालने से सिस्टम उसे अमान्य कर देता है. इसी तरह बैंक खाते का गलत या पुराना IFSC कोड डालने पर सब्सिडी ट्रांसफर (DBT) फेल हो जाता है.

अस्पष्ट या अधूरी तस्वीरें: कमीशनिंग रिपोर्ट अपलोड करते समय धुंधली छत की फोटो, बिना सीरियल नंबर वाले पैनल की फोटो या अधूरे दस्तावेज अपलोड करने से जांच टीम आवेदन को पेंडिंग में डाल देती है.

  1. कनेक्शन और स्वीकृत भार (Sanctioned Load) से जुड़ी कमियां

स्वीकृत भार से बड़ा सोलर सिस्टम: यदि आपके बिजली बिल पर स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) 2 kW है और आपने 5 kW का सोलर प्लांट लगा लिया है, तो DISCOM की फिजिबिलिटी रिपोर्ट रिजेक्ट हो जाएगी.

पुराना बकाया बिल: अगर आपके बिजली कनेक्शन पर कोई पुराना बकाया (Dues) है, तो DISCOM फिजिबिलिटी क्लियर नहीं करती. आवेदन से पहले पूरा बकाया जमा करना अनिवार्य है.

गलत कनेक्शन कैटेगरी: यह योजना केवल आवासीय (Residential/Domestic) ग्राहकों के लिए है. अगर आपका कनेक्शन कमर्शियल या एग्रीकल्चर श्रेणी में दर्ज है, तो अर्जी खारिज हो जाएगी.

  1. बैंक खाता और प्रॉपर्टी ओनरशिप से जुड़े कारण

Aadhaar Seeding (DBT) का न होना: आपका बैंक खाता आपके आधार से लिंक होने के साथ-साथ NPCI मैपर पर Direct Benefit Transfer (DBT) के लिए एक्टिव होना अनिवार्य है.

संयुक्त संपत्ति और बिना NOC के आवेदन: यदि मकान एक से अधिक लोगों के नाम पर (Joint Property) है या पुश्तैनी है, तो अन्य सह-मालिकों का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) अपलोड न करने पर ओनरशिप चेक फेल हो जाता है.

एक ही पते पर multiple कनेक्शन: एक परिवार या एक मकान के लिए केवल एक ही सब्सिडी मान्य है. एक ही पते पर कई कनेक्शन होने पर डुप्लीकेट एप्लीकेशन का फ्लैग लग जाता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. PM सूर्य घर योजना में आवेदन रिजेक्ट होने के बाद क्या दोबारा अप्लाई कर सकते हैं?

उत्तर: हां, आप पोर्टल पर लॉगिन करके रिजेक्शन का कारण देख सकते हैं और त्रुटि सुधारकर (जैसे दस्तावेज अपडेट करना या लोड बढ़ाना) अपनी अर्जी दोबारा सबमिट कर सकते हैं.

Q2. अगर आधार और बिजली बिल में नाम अलग-अलग है तो क्या करें?

उत्तर: आप अपनी DISCOM ऑफिस में आवेदन देकर बिजली बिल पर नाम सुधरवा सकते हैं या आधार के अनुसार सही नाम दर्ज कराके नया बिल अपलोड कर सकते हैं.

Q3. क्या किराए के मकान में रहने वाले लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं?

उत्तर: नहीं, इस योजना के लिए स्वयं का मकान और छत का मालिकाना हक होना अनिवार्य है.


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By राजीव कुमार

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