सोशल मीडिया पर एक बार फिर ऐसा मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी मोबाइल यूजर्स को तीन महीने का मुफ्त रिचार्ज दे रहे हैं. जेआईओ, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल समेत सभी नेटवर्क के यूजर्स को यह ऑफर मिलने की बात कही जा रही है. लेकिन सरकारी फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को पूरी तरह गलत करार दिया है.
फैक्ट चेक में क्या सामने आया
पीआईबी फैक्ट चेक ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री या केंद्र सरकार की ओर से ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है. न तो कोई आधिकारिक घोषणा हुई है और न ही किसी टेलीकॉम कंपनी ने इसकी पुष्टि की है. यह दावा पूरी तरह भ्रामक और फर्जी है. लोगों को सतर्क रहने और ऐसे मैसेज को आगे न बढ़ाने की सलाह दी गई है.
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ऐसे फर्जी मैसेज का खतरा क्या है
इस तरह के वायरल मैसेज अक्सर लोगों को लुभाने के लिए बनाए जाते हैं. कई बार इनमें लिंक या नंबर दिए होते हैं जिन पर क्लिक करने से व्यक्तिगत जानकारी लीक हो सकती है या फिशिंग का खतरा बढ़ जाता है. मुफ्त रिचार्ज के लालच में लोग अनजाने में स्कैम का शिकार हो सकते हैं. इसलिए किसी भी सरकारी योजना की जानकारी आधिकारिक स्रोतों से ही जांचें.
सही जानकारी कहां से लें
केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी योजना या घोषणा की पुष्टि पीआईबी की आधिकारिक वेबसाइट, पीआईबी फैक्ट चेक हैंडल या संबंधित मंत्रालय के पोर्टल से की जानी चाहिए. सोशल मीडिया पर बिना जांच के फैलाई गई खबरों पर भरोसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. सतर्कता बरतना ही सबसे अच्छा बचाव है.
लोगों से अपील
सरकार ने बार-बार कहा है कि नागरिक ऐसे सनसनीखेज और भ्रामक कंटेंट के झांसे में न आएं. अगर कोई संदिग्ध मैसेज मिले तो उसे आगे फॉरवर्ड करने के बजाय फैक्ट चेक करवाएं. सही जानकारी फैलाना भी नागरिक जिम्मेदारी का हिस्सा है.
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