गर्मी के मौसम में जब AC खराब हो जाए, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि उसे ठीक करवाएं या नया खरीद लें. अक्सर लोग जल्दी में सिर्फ रिपेयर करवा लेते हैं, क्योंकि वह आसान और सस्ता लगता है. लेकिन हर बार यही सही फैसला हो, जरूरी नहीं होता. असल में फैसला इस बात पर डिपेंड करता है कि आपका AC कितना पुराना है, कितनी बार खराब हो चुका है और क्या वह पहले से ज्यादा बिजली खर्च करने लगा है या नहीं.
अगर मशीन बार-बार दिक्कत दे रही है, तो सिर्फ मरम्मत पर पैसा लगाते रहना लंबे समय में नुकसान ही करता है. इसलिए बिना सोचे-समझे फैसला लेने की बजाय थोड़ा रुककर इन सभी बातों पर ध्यान देना जरूरी है. नीचे हमने एक गाइड तैयार की है. यह आपको समझने में मदद करेगी कि कब AC को रिपेयर करना सही है और कब उसे बदल देना ही बेहतर ऑप्शन होता है.
AC की लाइफ सबसे बड़ा फैक्टर होती है
ज्यादातर एयर कंडीशनर की लाइफ लगभग 10 से 15 साल तक मानी जाती है. अगर आपका AC भी अब 10 साल के आसपास पहुंच चुका है, तो हो सकता है कि वह पहले जितनी स्मूद और बेहतर कूलिंग न दे रहा हो. पुराने AC अक्सर कमरे को बराबर ठंडा नहीं कर पाते और समय-समय पर छोटी-बड़ी दिक्कतें देने लगते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो समझ लीजिए कि अब यह अपनी लाइफ के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है.
शुरुआत में छोटे-मोटे रिपेयर से काम चल सकता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर नई दिक्कतें सामने आने लगती हैं. ऐसे में लंबे समय के हिसाब से नया AC लेना ही फायदेमंद रहता है.
बिजली की बिल को नजरअंदाज न करें
एक और चीज जिससे आप आसानी से समझ सकते हैं कि पुराना AC रिपेयर करवाना चाहिए या नया लेना चाहिए, वो है बिजली का बिल. जैसे-जैसे AC पुराना होता जाता है, उसका मोटर भी कमजोर पड़ने लगता है. फिर उसे ठंडी हवा देने के लिए पहले से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. जब मशीन ज्यादा मेहनत करती है, तो बिजली भी ज्यादा खर्च होती है. नतीजा ये होता है कि आपका बिजली का बिल अचानक बढ़ने लगता है.
लेकिन दूसरी तरफ, आजकल के नए AC काफी ज्यादा एनर्जी-एफिशिएंट होते हैं. यहां तक कि 4-5 साल पुराने मॉडल्स की तुलना में भी ये कम बिजली में बेहतर कूलिंग दे देते हैं. कई बार तो ऐसा भी होता है कि नए AC से हर महीने जो बिजली की बचत होती है, वही कुछ ही सीजन में उसकी कीमत का बड़ा हिस्सा कवर कर देती है.
चेक करें कि AC कितनी बार खराब होता है
एक अच्छा और भरोसेमंद AC ऐसा होना चाहिए जिसे हर कुछ महीनों में टेक्नीशियन को बुलाने की जरूरत ही न पड़े. अगर आपको साल में एक से ज्यादा बार रिपेयर करवानी पड़ रही है, तो समझ लीजिए कि छोटे-छोटे खर्च मिलकर धीरे-धीरे एक बड़ा नुकसान बन रहे हैं.
इसके अलावा एक आसान सा ‘5,000 रूल’ भी है. इसमें आपको अपने AC की उम्र (सालों में) को एक बार की मरम्मत के खर्च से गुणा करना होता है. अगर यह कुल रकम 5,000 से ज्यादा हो जाती है, तो एक्सपर्ट्स की राय में नया AC लेना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होता है.
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