घर पर लगाएंगे ये लाइट, तो डरकर भागेंगे चोर

मोशन सेंसर लाइट्स दरवाजे, कॉरिडोर, सीढ़ियों और अलमारी में लगायी जा सकती हैं. ये अपने आप जल उठती हैं, जिससे सुरक्षा बढ़ती है और रोजमर्रा के काम आसान होते हैं. शुरुआती कीमत सिर्फ ₹200 है.

अंधेरा हमेशा चोरों और घुसपैठियों का सबसे बड़ा साथी माना जाता है. लेकिन जब अचानक रोशनी जल उठे, तो उनके लिए यह किसी अलार्म से कम नहीं होता. यही काम करती हैं मोशन सेंसर लाइट्स, जो आपके घर की सुरक्षा और रोजमर्रा की सुविधा दोनों को आसान बना देती हैं.

दरवाजे और गेट पर इस्तेमाल

अगर आप रात में घर लौटते हैं तो दरवाजे पर लगी मोशन सेंसर लाइट अपने आप जल उठती है. इससे न सिर्फ आपको दरवाजा खोलने में आसानी होती है बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत रोशनी पड़ती है.

कॉरिडोर और सीढ़ियों पर

अंधेरे में चलते समय पैर फिसलने का खतरा रहता है. सीढ़ियों और कॉरिडोर में लगी ये लाइट्स मोशन डिटेक्ट करके अपने आप जल जाती हैं, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ जाती हैं.

अलमारी और छोटे स्पेस में

ये लाइट्स कॉम्पैक्ट होती हैं और आसानी से कहीं भी फिट हो जाती हैं. अलमारी में लगाने पर सामान साफ दिखाई देता है और आपको टॉर्च या मोबाइल फ्लैश की जरूरत नहीं पड़ती.

इंस्टॉलेशन और कीमत

बैटरी से चलने वाले वेरिएंट भी उपलब्ध हैं जिन्हें इंस्टॉल करना बेहद आसान है. इनकी कीमत ₹200 से शुरू होती है और Amazon, Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर आसानी से मिल जाती हैं.

सुरक्षा का फायदा

मोशन सेंसर लाइट्स न सिर्फ चोरों को डराती हैं बल्कि आपके घर को स्मार्ट और सुरक्षित भी बनाती हैं. यह एक ऑल-राउंडर गैजेट है जो कम कीमत में बड़ा फायदा देता है.

यह भी पढ़ें: AC-फ्रिज में चूहे मचा रहे तबाही? ये गैजेट्स करेंगे बचाव, कीमत ₹350 से शुरू

यह भी पढ़ें: ₹500 से कम में मिल रहे ये स्मार्ट गैजेट्स- सस्ता नहीं, स्मार्ट डील!

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >